MEA की पहल से बढ़ी हलचल: अवैध बांग्लादेशियों को हटाने का प्लान तैयार

देश

नई दिल्ली
 भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों पर गाज गिरने वाली है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस मामले में रुख एकदम साफ कर दिया है. MEA ने बांग्लादेश सरकार को कड़ी चेतावनी दी है. भारत ने कहा है कि अवैध प्रवासियों की वापसी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. भारत से अवैध नागरिकों की वापसी का यह बड़ा मुद्दा है. इसके लिए बांग्लादेश सरकार का सपोर्ट बहुत जरूरी है। 

नेशनलिटी वेरिफिकेशन से जुड़े 2862 से ज्यादा मामले बांग्लादेश के पास पेंडिंग हैं. इनमें से कई मामले पिछले पांच साल से भी ज्यादा समय से लटके हुए हैं. भारत की पॉलिसी अवैध विदेशियों को वापस भेजने को लेकर एकदम स्पष्ट है. MEA के इस भारी बयान से अवैध घुसपैठियों में दहशत मच गई है। 

‘2862 मामले सरेआम लटके’
विदेश मंत्रालय ने पेंडिंग मामलों पर अपना भारी गुस्सा एकदम जाहिर किया है. नेशनलिटी वेरिफिकेशन के 2862 मामले सरेआम बहुत लंबे समय से पेंडिंग हैं. इनमें से कई मामले पिछले पांच साल से लटके हुए हैं। 

MEA ने बांग्लादेश से इस प्रोसेस में तेजी लाने की उम्मीद जताई है. वेरिफिकेशन में तेजी से प्रवासियों की वापसी आसानी से हो सकेगी. भारत सरकार का यह कड़ा स्टेप एकदम माना जा रहा है। 

‘अवैध नागरिकों को भेजा जाएगा वापस’
भारत ने अपनी लीगल पॉलिसी को लेकर ऐलान कर दिया है. MEA ने साफ कहा कि भारत में अवैध रहने वालों पर गाज गिरेगी. सभी अवैध विदेशी नागरिकों को कानून के तहत वापस भेजा जाएगा. इसके लिए निर्धारित लीगल प्रोसेस और बायलेटरल व्यवस्थाओं का पालन होगा. अवैध नागरिक वापसी के इस मुद्दे पर बांग्लादेश का सपोर्ट जरूरी है. सरकार की इस कड़ी चेतावनी से घुसपैठियों में हाहाकार मचा है। 

बांग्लादेशी सरकार ने बॉर्डर पर कड़ी की सुरक्षा

पश्चिम बंगाल में चुनाव संपन्न हो चुके हैं. भाजपा ने चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है. बंगाल में भाजपा की जीत ने बांग्लादेश सरकार की नींद उड़ा दी है. बांग्लादेशी सरकार को आशंका है कि लोगों को जबरन भारत से निकाला जा सकता है. बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने मामले में एक बयान भी जारी किया है. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत से लोगों को जबरन सीमा पार भेजने यानी 'पुशबैक' की घटनाएं नहीं बढ़ेंगी। 

बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने दी चेतावनी
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि वे नहीं चाहते हैं कि किसी को अवैध प्रवासी बताकर भारत से बांग्लादेश की ओर धकेल दिया जाए. इसी वजह से हमने बांग्लादेश की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इससे पहले कहा था कि अगर भारत की ओर से पुशबैक की घटनाएं सामने आती हैं तो बांग्लादेश कड़ी कार्रवाई करेगा. हम कड़ी कार्रवाई करने सेे हिचकेंगे नहीं। 

क्या होता है पुशबैक
बता दें, पुशबैक का मतलब होता है कि किसी व्यक्ति को जबरन सीमा के पार भेज देना. पिछले कुछ वक्त में भारत और बांग्लादेश की सीमा से ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। 

घुसपैठ पर निशाना साध चुकी है भाजपा
दरअसल, बंगाल चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित से लेकर भाजपा के विभिन्न बड़े नेताओं ने घुसपैठ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. भाजपा नेतृत्व ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को शरण दे रखी है। 

पीएम मोदी ने घुसपैठ के खिलाफ दिया था कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी रैलियों से साफ कह दिया था कि जो लोग भारत में अवैध रूप से घुसे हैं. यहां फर्जी दस्तावेजों के साथ रह रहे हैं, उनको देश से निकाला जाएगा. पीएम मोदी ने कहा था कि सिर्फ घुसपैठियों को ही नहीं बल्कि उन लोगों का भी हिसाब किया जाएगा, जिन्होंने घुसपैठियों की मदद की थी. पीएम मोदी ने एक रैली में तो पीएम मोदी ने घुसपैठियों को साफ संदेश दे दिया था कि वह अपना बोरिया बिस्तर बांध लें. प्रधानमंत्री मोदी ने ने आरोप लगाया था कि TMC सरकार अपने 'वोट बैंक' को सुरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर घुसपैठ करवा रही है। 

बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी के नेता ने BJP को बधाई दी
इसके अलावा, बांग्लादेशी सत्तारूढ़ पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने भाजपा को जीत की बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते इससे मजबूत हो सकते हैं. उन्होंने बंगाल की निर्वतमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी वजह से तीस्ता जल समझौते में देरी हो रही है. हेलाल ने दावा किया कि तीस्ता जल समझौता भारत और बांग्लादेश की सरकार चाहती है। 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry