प्रदेश में खुशियों का माहौल, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से 1385 नवदंपत्तियों ने शुरू किया नया जीवन

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और जनकल्याण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 8 मई को प्रदेशभर में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जहां एक साथ गूंजती शहनाइयों ने पूरे प्रदेश को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन सामाजिक एकता, समानता और मानवीय संवेदनाओं का विराट उत्सव बनकर सामने आया।

राजधानी रायपुर से लेकर सुदूर वनांचल तक हर जिले में आयोजित इन समारोहों में हजारों परिवारों की सहभागिता देखने को मिली। पारंपरिक रीति-रिवाजों, सादगी और गरिमा के साथ सम्पन्न हुए इन विवाहों ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की वर्षों पुरानी चिंता को दूर किया है। 

महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि विवाह को गरिमामय, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक स्वरूप भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं, जिसमें सुसज्जित विवाह स्थल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि हर नवदंपति और उनके परिजनों को एक सुखद अनुभव मिल सके।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पूर्व में संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई के राज्यव्यापी आयोजन में 1385 विवाह संपन्न हुए। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध चुके हैं, जो लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया।

योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के साथ कर सकें। इसके साथ ही विवाह के दौरान आवश्यक सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाएं भी शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती हैं।

उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे, जिसने सामाजिक समरसता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेशभर में आयोजित यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण है कि संवेदनशील नेतृत्व, प्रभावी योजनाएं और जनभागीदारी मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिला सम्मान, सामाजिक समानता और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बनकर छत्तीसगढ़ के विकास की नई गाथा लिख रही है।

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