जल जीवन मिशन को मजबूती, अयोध्या में 550 से अधिक कारीगरों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश राज्य

अयोध्या

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या जल जीवन मिशन के कुशल कार्यान्वयन और कौशल विकास का अनूठा मॉडल बनकर उभरा है। अयोध्या में स्थापित हुआ जल जीवन मिशन का प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर, जल जीवन मिशन को मिल रहे प्रशिक्षित कारीगर, जहां जल जीवन मिशन से जुड़े कारीगरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 550 से अधिक कारीगरों को दक्ष बनाया जा चुका है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
   उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) अयोध्या के द्वारा विकास खंड रुदौली के मुजफ्फरपुर-जलालपुर पेयजल योजना परिसर में स्थापित यह कौशल विकास केंद्र अपनी तरह का पहला और एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र है। केंद्र को एक सक्रिय पेयजल योजना के परिसर में स्थापित करने का विशेष लाभ यह है कि प्रशिक्षणार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ वास्तविक कार्यस्थल का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिल रहा है। केंद्र में फिटर, प्लम्बर, मिस्त्री (मेसन) और इलेक्ट्रीशियन जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रमुख विषयों में पाइप फिटिंग एवं अलाइनमेंट की उन्नत तकनीक, प्लम्बिंग संस्थापन, रिसाव नियंत्रण, ओवरहेड टैंक एवं अन्य संरचनाओं का राजमिस्त्री कार्य, सुरक्षा अभ्यास तथा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य प्रक्रिया शामिल हैं।

22 बैच में 550 से अधिक कारीगर प्रशिक्षित

अब तक 22 प्रशिक्षण बैच पूरे हो चुके हैं, जिनमें प्रत्येक बैच में 25 प्रतिभागी शामिल रहे। कुल 550 से अधिक कारीगर प्रशिक्षित हो चुके हैं, जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं। इन प्रशिक्षित कारीगरों का लाभ न केवल अयोध्या बल्कि सुल्तानपुर और देवरिया जनपदों की जल जीवन मिशन परियोजनाओं को भी मिल रहा है। धरातलीय प्रभाव सकारात्मक इस पहल से परियोजना स्थलों पर कार्य की गुणवत्ता में सुधार देखा जा रहा है। पाइप जॉइंटिंग में मानकीकरण से रिसाव की घटनाएं घटी हैं, राजमिस्त्री कार्यों की फिनिशिंग बेहतर हुई है और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की संस्कृति विकसित हुई है। 

बाहरी श्रमिकों पर निर्भरता कम, स्थानीय को लाभ

स्थानीय प्रशिक्षित कार्यबल की उपलब्धता से बाहरी श्रमिकों पर निर्भरता कम हुई है तथा परियोजनाओं की गति तेज हुई है। दीर्घकालिक प्रभाव में सबसे महत्वपूर्ण योगदान संचालन एवं अनुरक्षण क्षेत्र में हो रहा है। उचित संस्थापन और गुणवत्तापूर्ण कार्य से रखरखाव लागत में कमी, परिसंपत्तियों के जीवनकाल में वृद्धि और जलापूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ रही है, जो मिशन के मूल उद्देश्य “हर घर नल से जल” को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

10 महिलाए पंप ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित, महिला सशक्तीकरण की मिसाल

केंद्र की सबसे सराहनीय पहल महिला भागीदारी को बढ़ावा देना है। अब तक 10 महिलाओं को पंप ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर अयोध्या की विभिन्न पेयजल योजनाओं पर तैनात किया जा चुका है। ये महिला ऑपरेटर अपने गांवों में जलापूर्ति प्रणाली का कुशल संचालन कर रही हैं। ग्रामवासियों, खासकर महिलाओं ने इस पहल का स्वागत किया है क्योंकि स्थानीय महिला ऑपरेटर की उपस्थिति से जलापूर्ति की निरंतरता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ी है।

आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करने की ठोस पहल

जल निगम अयोध्या (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अरविंद यादव ने बताया कि यह केंद्र मात्र प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में दक्ष, सुरक्षा-जागरूक और आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करने की ठोस पहल है। महिलाओं की भागीदारी से हम जल जीवन मिशन को वास्तविक अर्थों में जन-जन का मिशन बना रहे हैं। अयोध्या का यह कौशल विकास केंद्र जल जीवन मिशन को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ गुणवत्ता, सुरक्षा और स्थानीय सशक्तीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। भविष्य में और अधिक बैच चलाकर इस मॉडल को और सशक्त बनाने की योजना है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry