युवाओं को दिए गए लोन का होगा हिसाब, योगी सरकार ने 6955 करोड़ की वसूली की तैयारी शुरू की

उत्तर प्रदेश राज्य

 लखनऊ
 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का सत्यापन का कार्य शुरू किया है। विभाग ने इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन (एप) तैयार किया है।

इस एप के जरिए योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन की जिम्मेदारी एमएसएमई विभाग ने सीएम फेलो को दी है। सीएम फेलो अपने-अपने क्षेत्रों में ऋण लेने वाले युवा की जानकारी देंगे कि संबंधित युवा ने ऋण लेने के बाद काम शुरू किया या नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2025 को योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत राज्य के युवाओं को बिना गारंटी व ब्याज के अपना उद्यम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है।

ऋण लेने के बाद शुरू नहीं किया कारोबार
अभी तक 1,69,271 युवाओं को 6955 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। एमएसएमई विभाग की जानकारी इस प्रकार के कई मामले आए हैं जिनमें युवाओं ने ऋण लेने के बाद कारोबार शुरू नहीं किया है।

नतीजतन अब विभाग ने ऋण लेने वाले सभी युवाओं का सत्यापन शुरू कराया है। सत्यापन के कार्य में जुटे कर्मी युवाओं की उनके उद्यम के साथ फोटो और वीडियो के साथ गूगल के जरिए मोबाइल एप पर लोकेशन भी अपडेट कर रहे हैं।

सत्यापन के समय इस बात की भी जानकारी एकत्र की जा रही है कि संबंधित युवा ने अपना कारोबार शुरू करने के बाद कितने लोगों को रोजगार दिया है।

किस प्रकार का कारोबार शुरू किया है, ऋण लेते समय जिस उद्यम को स्थापित किए जाने की सहमति संबंधित युवा ने दी थी उसने वही उद्यम स्थापित किया है या नहीं। माह में कितनी कमाई हो रही है, जैसी जानकारियां भी एप पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अगर किसी युवा ने ऋण ले लिया और कारोबार शुरू नहीं किया है तो उससे ऋण की राशि की वसूली की जाएगी।

 

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