मानहानि प्रकरण में कोर्ट की नरमी, शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय को दस्तावेज जमा करने का अवसर

मध्य प्रदेश राज्य

जबलपुर

 हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई हुई। मामला एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल के विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा मानहानि के प्रकरण में जारी समन को चुनौती से संबंधित है।

सुनवाई के दौरान भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के अधिवक्ता ने बताया कि प्रकरण में जरूरी अधीनस्थ कोर्ट का आदेश-पत्र व दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से आदेश-पत्र व दस्तावेज प्रस्तुत सहमति व्यक्त की गई। लिहाजा, हाई कोर्ट ने माेहलत प्रदान करते हुए अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित कर दी।

उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरु0 एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल में मानहानि का परिवाद दायर किया था।

परिवाद में कहा गया था कि 2018 में राहुल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई चुनावी सभा में राहुल गांधी ने एक भाषण के दौरान कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम लिया था।

राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। इस बयान को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने बताया था। विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा परिवाद की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया गया था।

समन व परिवाद को निरस्त कराने राहत चाहते हुए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। उन्होंने आरोपों को नकारते हुए परिवाद को बेबुनियाद बताया।

हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के लिए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने निर्देश जारी किए थे। याचिकाकर्ता राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने पक्ष रखा।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry