चंडीगढ़ CREST घोटाले में गिरफ्तारी से हड़कंप, IDFC के पूर्व मैनेजर संग मिलीभगत के आरोप

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चंडीगढ़ 

हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के वित्त निदेशक अमित दीवान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पंचकूला में सामने आए 590 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में गिरफ्तारी के बाद अब चंडीगढ़ के 83 करोड़ रुपए के क्रेस्ट घोटाले में भी सीबीआई ने जाँच की शुरू। 

सीबीआई ने अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर अमित दीवान को हिरासत में लेकर चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया। अदालत ने पूछताछ के लिए आरोपी का चार दिन का रिमांड मंजूर किया है। अब उसे 18 मई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जांच में यह भी सामने आया है कि स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट घोटाले के कथित मास्टरमाइंड कारोबारी विक्रम वाधवा के खाते में भी क्रेस्ट फंड से जुड़े 75 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। सीबीआई ने वाधवा का भी दो दिन का रिमांड हासिल किया है।

कैश और आईपीएल टिकटों का खेल
सीबीआई जांच के मुताबिक अमित दीवान की आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि से गहरी सांठगांठ थी। आरोप है कि रिभव ऋषि ही क्रेस्ट फंड से अमित दीवान को लाभ पहुंचाता था। जांच एजेंसी को जानकारी मिली है कि कई बार 25 से 50 लाख रुपए तक कैश दीवान तक पहुंचाया गया। सीबीआई अब दोनों आरोपियों के बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि सरकारी फंड से कितनी बार नकदी निकाली गई और उसे कहां इस्तेमाल किया गया।

जांच में यह खुलासा भी हुआ है कि अमित दीवान और रिभव ऋषि की नजदीकियां आईपीएल मैचों से शुरू हुई थीं। रिभव ने दीवान को आईपीएल टिकटें देकर संपर्क बढ़ाया, जिसके बाद दोनों ने कथित तौर पर सरकारी फंड में गड़बड़ी शुरू की।

सरकारी रकम शेल कंपनियों में लगाई
करीब दो महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस ने स्मार्ट सिटी में 116.84 करोड़ और क्रेस्ट में करीब 83 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश किया था। यह रकम आईडीएफसी बैंक में एफडी के रूप में जमा थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर एफडी से रकम निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया। इसके बदले कुछ सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई। बाद में यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।

डिलीवरी बॉय के जरिए पहुंचती थी रकम
सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने दो युवकों को खास तौर पर रकम पहुंचाने के लिए नौकरी पर रखा था। इन्हें डिलीवरी बॉय की तरह इस्तेमाल किया जाता था और सरकारी फंड की रकम इधर-उधर पहुंचाई जाती थी। अब सीबीआई उन दोनों युवकों की तलाश कर रही है।

आईडीएफसी बैंक से जुड़े घोटालों में शहर के कई ज्वेलर्स की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इसी के चलते वीरवार को सीबीआई ने सावन और माणिक समेत शहर के करीब एक दर्जन ज्वेलर्स के शोरूमों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए और बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी है।

आत्महत्या के लिए उकसाने का केस भी दर्ज
अमित दीवान को पंचकूला बैंक घोटाले में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एचपीजीसीएल के फाइनेंस ऑफिसर बलवंत सिंह ने हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। बलवंत सिंह ने अपने सुसाइड नोट में अमित दीवान पर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे।

 

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