जयपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का देश में बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इस मुहिम से प्रेरित होकर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन इन दिनों लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से अदालत पहुंच रहे हैं. शनिवार को भी वे अपने गांधीनगर स्थित आवास से करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को भी साथ नहीं रखा, जो उनकी सादगी को दर्शाता है. हालांकि रास्ते में अंबेडकर सर्किल और हाईकोर्ट गेट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान लिया.
वकीलों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा
हाईकोर्ट परिसर में जब लोगों ने माननीय न्यायाधीश को साइकिल से आते देखा, तो हर कोई हैरान रह गया. अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट कर्मचारियों के बीच उनकी इस अनूठी पहल की जमकर चर्चा हो रही है. सभी ने इसे पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत फिटनेस और ईंधन की बचत के लिए एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया है.
बड़े पदों पर बैठे लोगों ने बदला अपना अंदाज
ईंधन बचाने और सादगी अपनाने का यह सिलसिला केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य शीर्ष पदों पर बैठे लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है.
इसी तरह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने सुरक्षा काफिले को सीमित किया है और हाल ही में वे एक कार्यक्रम में पर्यावरण अनुकूल ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) कार से पहुंचे. प्रशासनिक स्तर पर भी इसका असर दिख रहा है. जयपुर में आईपीएस विकास कुमार साइकिल चलाकर अपने दफ्तर पहुंचे, वहीं शुक्रवार को शहर में कुछ जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने साइकिल पर ही गश्त कर जनता के बीच एक बेहतरीन संदेश दिया.
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