पटना
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों की मासिक पेंशन का भुगतान बाधित हो गया है। राज्य के 1.19 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को अप्रैल का मई में अबतक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है।यह बाधा केंद्र सरकार की ओर से नये वित्तीय वर्ष से लागू एसएनए-स्पर्श सॉफ्टवेयर के माध्यम से राशि की प्राप्ति और भुगतान के आदेश से हुई है।
इसके पहले एसएनए सॉफ्टवेयर का प्रयोग केंद्र से राशि प्राप्त करने और उसके माध्यम से ही भुगतान के लिए किया जाता था, लेकिन नए आदेश में सभी सरकारी विभागों की सरकार योजनाओं को नये सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि किए जाने का आदेश है। नये सॉफ्टवेयर के माध्यम से भारत सरकार, राज्य सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक एक दूसरे के साथ वित्तीय मामलों के लिए जुड़ गए हैं।
वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा प्रविष्टि नहीं
दरअसल, वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा इंट्रीग्रेशन (आंकड़ा की प्रविष्टि) अबतक पूरा नहीं हो पाया है। एनआईसी द्वारा पेंशन योजना के तहत सभी लाभुकों के नाम को एसएनए-स्पर्श के साथ आंकड़ों की प्रविष्टि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे पूरा होने में अभी पांच दिन से अधिक समय लगने की संभावना है।
पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण के लिए पंचायत स्तर पर कैंप शुरू
समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के माध्यम से सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर शुरू हुई है। राज्य में अबतक 95.26 लाख पेंशनधारकों के जीवन का प्रमाणीकरण हुआ है।
इस शिविर में पंचायतवार लाभुकों की सूची उपलब्ध है। शिविर में प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के कर्मी मौजूद है। इसके पूर्व 22 दिसंबर 2025 से सभी सीएससी पर नि:शुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने की प्रक्रिया हो रही थी।
बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल
इधर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार से बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ का धरना गर्दनीबाग में शुरू हो गया। धरना में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पंचायत सचिवों ने भाग लिया। संघ के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार ने कहा कि विभागीय मंत्री से सकारात्मक बातचीत हुई लेकिन इसी बीच मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा व वैशाली के पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया। विभाग की इस कार्यशैली को संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। 16 से 20 मई तक धरना होगा। इसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो बाध्य होकर चरणबंद्ध आंदोलन किया जाएगा। पंचायत सचिव गृह जिले में पोस्टिंग, ग्रेड पे बढ़ाने, यात्रा भत्ता देने, प्रमोशन की उम्र सीमा 56 साल को खत्म करने समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
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