रत्ना सिंह आत्महत्या मामला: प्रशासन की सख्ती, फरार आरोपियों की तलाश तेज

उत्तर प्रदेश राज्य

गोमती नगर

लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह सुसाइड केस में प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बिजनेसमैन शरद सिंह के अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाया। अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। इससे पहले प्रशासन शरद सिंह के होटल, सैलून और तीन कारों को भी सीज कर चुका है। मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया था
गोरखपुर निवासी रत्ना सिंह ने 12 मई को गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो बनाया था, जिसमें बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी सिंह, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। रत्ना ने वीडियो में कहा था कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी वजह से वह यह कदम उठाने को मजबूर हो रही है।

पुलिस अभी तक एक आरोपी को दबोचा
रत्ना के पिता सुधीर सिंह की शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी मंगलनाथ यादव को गिरफ्तार किया, जो शरद सिंह के होटल में काम करता था। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

सीएम योगी से मिले थे पीड़िता के पिता
15 मई को रत्ना के पिता ने सीएम योगीसे मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद 16 मई को उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बच रहा है और पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और उनकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की गईं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

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