आत्मनिर्भरता की ओर कदम: सेवा डेरा में सिलाई, आधार और बैंकिंग प्रशिक्षण से खुलेंगे रोजगार के रास्ते

छत्तीसगढ़ रायपुर

जगदलपुर.

नेतानार का सेवा डेरा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया मॉडल बन रहा है. वन मंत्री, विधायक और सांसद ने कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. यहां आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी, सिलाई प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं.

इमली और राइस प्रोसेसिंग यूनिट से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कोशिश है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास फोकस किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए. इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे काम के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा. सेवा डेरा एक मिनी सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा. स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही उपयोग करने की योजना है. इससे पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. बस्तर में विकास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है.

सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा
बस्तर में सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास के केंद्र बनते दिखेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू होने जा रहा है. जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप में इसकी शुरुआत होगी. गृहमंत्री के हाथों इसका औपचारिक शुभारंभ तय है. दो दिवसीय बस्तर दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को साथ लाना है. सेवा डेरा ग्रामीणों के लिए सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा. इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच दूरी कम करने की कोशिश होगी. बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है. यह पहल बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बदलाव का संकेत मानी जा रही है.

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