19 मई को बुध का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश, चार राशियों के लिए बढ़ सकती हैं चुनौतियां

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19 मई 2026 को बुध ग्रह का नक्षत्र परिवर्तन होने जा रहा है. इस दिन दोपहर 02:37 बजे बुध अपने मित्र सूर्य के नक्षत्र (कृत्तिका) से निकलकर चंद्रमा के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में बुध को 'बुद्धि' का कारक माना जाता है और चंद्रमा को 'मन' का. जब बुध चंद्रमा के नक्षत्र में आते हैं, तो एक विशिष्ट विरोधाभास पैदा होता है क्योंकि बुध चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं, जबकि चंद्रमा बुध को मित्र. बुध का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कई मायनों में चुनौतीपूर्ण हो सकता है. चूंकि, बुध 'तर्क' का स्वामी है और रोहिणी 'भावनाओं' की, इसलिए इस दौरान बुद्धि और मन के बीच संघर्ष बढ़ेगा. जिन चार राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, उनके बारे में जानते हैं.

1. मेष राशि (Aries): वाणी और धन पर संकट
मेष राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर उनके द्वितीय भाव (धन और वाणी) को प्रभावित करेगा. आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है. कार्यस्थल या परिवार में आपकी बातें कड़वाहट समझी जा सकती है, जिससे बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं. बिना सोचे-समझे किए गए निवेश या फिजूलखर्ची आपके बजट को बिगाड़ सकती है. इस समय किसी को उधार देने से बचें, क्योंकि पैसा वापस मिलने में कठिनाई होगी.

2. वृश्चिक राशि (Scorpio): रिश्तों में अविश्वास
यह परिवर्तन आपके सप्तम भाव (साझेदारी और वैवाहिक जीवन) पर असर डालेगा. जीवनसाथी के साथ छोटी-सी बात बड़े विवाद का रूप ले सकती है. कम्युनिकेशन के कारण आप एक-दूसरे की मंशा पर शक कर सकते हैं. यदि आप पार्टनरशिप में व्यापार कर रहे हैं, तो कागजी कार्रवाई में पारदर्शिता रखें. कोई भी नया कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें, वरना बाद में पछताना पड़ सकता है.

3. धनु राशि (Sagittarius): स्वास्थ्य और गुप्त शत्रु
धनु राशि के लिए बुध का गोचर छठे भाव (रोग और शत्रु) में होगा, जो थोड़ा सतर्क रहने का संकेत है. ऑफिस में आपके प्रतिस्पर्धी आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकते हैं. अपनी रणनीतियों को गुप्त रखें. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें. नसों या त्वचा से संबंधित छोटी परेशानियां उभर सकती हैं. मानसिक तनाव के कारण अनिद्रा की समस्या भी हो सकती है.

4. कुंभ राशि (Aquarius): घरेलू तनाव और मानसिक अशांति
यह नक्षत्र परिवर्तन आपके चतुर्थ भाव (सुख, माता और वाहन) को प्रभावित करेगा. घर के वातावरण में तनाव रह सकता है. छोटी-छोटी सुख-सुविधाओं के लिए आपको ज्यादा संघर्ष करना पड़ सकता है. घर की मरम्मत या इलेक्ट्रॉनिक सामान पर अचानक बड़ा खर्च आ सकता है. इस दौरान आपकी माता की सेहत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. उनकी पुरानी बीमारियों के प्रति लापरवाही न बरतें.

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