चंडीगढ़
फ्रांसीसी आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने जब चंडीगढ़ को धरातल पर उतारा तो कुछ लोग इसमें जरूरत से अधिक खाली स्पेस देखकर छोड़कर चले गए। दूर-दूर तक इक्का-दुक्का वाहन ही दिखते थे। लेकिन यह किसी ने नहीं सोचा था कि इतना खुला शहर भी वाहनों के जंजाल में फंसकर हांफने लगेगा।
ली कार्बूजिए शायद 60 वर्ष बाद का भविष्य देखते हुए शहर को गढ़ रहे थे लेकिन जनसंख्या और वाहनों का विस्फोट उनके गढ़े मॉडल से कहीं आगे निकल चुका है। चंडीगढ़ देश में सर्वाधिक कारों के घनत्व वाला शहर बन चुका है। यह समृद्धि गौरव का विषय होने के साथ ही गंभीर समस्या भी बन चुकी है।
पांच लाख की आबादी के लिए बसाए गए चंडीगढ़ में हर तीन मिनट में एक नई कार सड़क पर उतर रही है। दस हजार नंबरों की नई सीरीज दो महीने में ही खत्म हो रही है। जमीनी हकीकत यह है कि अब पार्किंग के लिए जगह नहीं बची है।
ग्रीन बेल्ट हो या साइकिल ट्रैक सभी पार्किंग की भेंट चढ़ चुकी हैं। कड़वी सच्चाई यह है कि इंसाफ के मंदिर कहे जाने वाले हाईकोर्ट हो या डिस्ट्रिक्ट कोर्ट यहां पर कारों की दोहरी लाइनें लगने लगी हैं।
अभी आबादी 12 लाख, 2051 में 23 लाख होगी
अभी चंडीगढ़ की आबादी 12 लाख है। 2051 तक यह बढ़कर दो गुना होगी। ट्राइसिटी में 2051 तक आबादी 45 लाख प्रोजेक्टेड है। प्रशासन न तो नई गाड़ियों के सड़क पर उतरने की रफ्तार को कम कर पाया है, न ही कोई योजना पार्किंग स्पेस देने की बना पाया। सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और खेल के मैदान हर जगह कारें खड़ी दिखाई देती हैं और प्रशासन मूकदर्शक बन इस बिगड़ती स्थिति को देख रहा है।
ज्यादातर पार्क बन गए पार्किंग स्थल
घनी आबादी वाले इलाकों में पार्किंग की समस्या सबसे ज्यादा है। वहां तेजी से लोग दोपहिया से चारपहिया की तरफ जा रहे हैं। इन इलाकों में पहले ही पार्किंग की जगह नहीं है, ऐसे में लोगों ने कालोनियों के छोटे-छोटे पार्कों में गाड़ियां खड़ी कर उसे पार्किंग बना दिया है। आलम यह है कि अब पार्कों में भी जगह नहीं बची है। ऐसे में सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने लगी हैं।
शहर में बढ़ते वाहन और पार्किंग स्पेस
| विवरण (Description) | आंकड़े / स्थिति (Data / Status) |
| कार घनत्व (Car Density) | 731 कारें प्रति 1,000 लोगों पर (पूरे देश में सबसे अधिक) |
| शहर में कुल वाहन | 10 लाख से अधिक वाहन मौजूद |
| रोजाना सड़कों पर उतरने वाले नए वाहन | 175 से अधिक गाड़ियां प्रतिदिन |
| पड़ोसी शहरों (पंचकूला-मोहाली) से रोजाना आने वाले वाहन | 1.5 लाख वाहन प्रतिदिन |
| सरकारी गाड़ियां (पेट्रोल-डीजल) | 3,724 वाहन |
| पेड पार्किंग (Paid Parking) की स्थिति | 89 स्थल (कुल 22,725 कारों के लिए स्पेस) |
| फ्री पार्किंग (Free Parking) की स्थिति | 200 स्थल (इसके बावजूद स्पेस की भारी कमी) |
| पिछले वर्षों का रिकॉर्ड (संभावित 2022/23) | 38,659 नई कारें पंजीकृत हुईं |
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

