ट्विशा केस में सास गिरबाला के सनसनीखेज आरोप, ‘बच्चा नहीं चाहती थी, इसलिए दवा लेती थी’

मध्य प्रदेश राज्य

 भोपाल

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को आरोपों में घिरी ट्विशा की सास ने मीडिया से बातचीत की. आरोपों में घिरी गिरबाला ने कहा कि मेरे बेटे समर्थ ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था. सबसे पहले ट्विशा ही हमारे घर पर आई थी, उसके बाद उसके माता-पिता आए थे. उसके परिवार और हमारे परिवार में काफी अंतर था, फिर भी हमने शादी करवाई। 

'दवा लेकर एक दो दिन ठीक रहती थी ट्विशा'
उन्होंने कहा- वह बहुत कम उम्र में ही ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी. उसका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ा झटका है. उसकी जो दवाई चल रही थी, उससे वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत पहले जैसी हो जाती थी. समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने उसे फोन कर बताया कि उसने MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) पिल ले ली है। 

'प्रेग्नेंट हुई तो उसने पिल खा ली'
गिरबाला ने कहा -पहला बच्चा परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी महसूस नहीं होने दी. 7 मई को उसने पिल्स ले ली थीं. मैं खुद उसका सिर गोद में लेकर बैठती थी. ट्विशा के पिता का व्यवहार अजीब रहता है. वह 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में रहे हैं और मुझे लगता है कि वह इसका संभावित स्रोत हो सकते हैं. मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। 

'समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था'
उन्होंने कहा-  ये लोग फौज की बात करते हैं, लेकिन हमारी तो पीढ़ियां सेना में रही हैं. मेरे पति ने देश के लिए अपनी जान दी है. मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है. ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि मैं जिला जज रह चुकी हूं. कोई आम इंसान भी होता, तो उसे भी जमानत मिल जाती. मेरे बेटे को भी बेल मिल जाती। 

ट्विशा की मौत हुई तो समर्थ तो AIIMS में नंगे पैर, बिना चप्पल के दौड़ रहा था और ये लोग कह रहे हैं कि AIIMS में हमारी सेटिंग है. समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था. ड्रग्स के आरोपों पर ट्विशा ने खुद स्वीकार किया था कि उसने भारी मात्रा में मारिजुआना का सेवन किया था. वह बार-बार ज़िद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए था. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से ट्विशा का इलाज चल रहा था. दवाइयां उसे प्रेस्क्राइब की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें लिया नहीं था। 

'ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर आरोप लगाए'
गिरबाला ने बताया कि ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह झूठ था. बाद में उनके पिता ने मुझसे माफी भी मांगी थी. वह ड्रग्स नहीं लेता. ट्विशा के परिवार वाले उल्टा हमें मारने दौड़े और हमें पुलिस बुलानी पड़ी. उसी दिन मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र लिखा था। 

'ट्विशा और समर्थ में लड़ाई नहीं होती थी'
उन्होंने कहा कि- ट्विशा और समर्थ के बीच कभी लड़ाई नहीं होती थी, लेकिन जब भी वह दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के बाद ट्विशा ने समर्थ से कहा था कि उसे स्पेस चाहिए और वह अलग कमरे में सोने लगी थी. ट्विशा कहती थी कि उसके परिवार ने उसे बहुत छोटी उम्र से ही ग्लैमर वर्ल्ड में डाल दिया था. वह 17 तारीख को दिल्ली गई थी, लेकिन वह घर नहीं गई और पूरी रात कहां रही, यह उसने नहीं बताया. उसने पहले भी ऐसा कुछ किया था, जिसकी वजह से उबर ने ट्विशा को ब्लैकलिस्ट कर रखा था। 

बता दें कि  बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा शर्मा के केस में रोज नई परतें खुल रही हैं. वहीं ट्विशा के माता पिता का इसे मर्डर बता रहे हैं। 

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