भिवानी/चंडीगढ़.
हरियाणा के युवाओं के लिए अब विदेशों में करियर के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को वैश्विक स्तर से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस शैक्षणिक सत्र से पालिटेक्निक संस्थानों में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने वाली है।
इसके तहत जर्मन, जापानी, कोरियन और फ्रेंच जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाएं सिखाई जाएंगी, ताकि युवा विदेशी कंपनियों और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। योजना के तहत प्रदेश के 39 पालिटेक्निक संस्थानों और 11 सोसायटी संस्थानों में विदेशी भाषा कोर्स संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान में 30 से 60 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल तकनीकी डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए भी सक्षम बनाना है।
प्रोफेशनल कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित कराए जाएंगे
विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से भाषा दक्षता और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित कराए जाएंगे। इससे वे सीधे विदेशी कंपनियों, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और इंटरनेशनल इंडस्ट्री की मांग के अनुसार खुद को तैयार कर पाएंगे।
इस पहल से प्रदेश के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान युवाओं की रोजगार क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा।
हरियाणा सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए सिर्फ नौकरी के अवसर नहीं, बल्कि विदेशों में करियर बनाने के सपनों को नई उड़ान देने का काम करेगी। अब हरियाणा के युवा स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर ग्लोबल मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकेंगे।
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