लाल किला, कुतुब मीनार जैसे स्मारकों में अब चार्जिंग प्वाइंट और वाई-फाई की सुविधा

Spread the love

नई दिल्ली

 भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) अब पर्यटकों की सुविधाआें पर अधिक ध्यान दे रहा है । इसके तहत जहां स्मारकों में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं, वही आने वाले समय में स्मारकों में वाई-फाई की सुविधा भी शुरू किए जाने की योजना है।

छायादार वृक्षों के नीचे व छाया वाले अन्य स्थानों पर बेंच लगाए जा रहे हैं। स्मारकों में पर्याप्त पीने के ठंडे पानी के साथ-साथ बेहतर शौचालय की व्यवस्था पर भी काम किया गया है और इन्हें अपग्रेड भी किया जा रहा है।

मोबाइल चार्जिंग की सुविधा
इससे पर्यटकों के सामने मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर समस्या नहीं होगी। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा 11 टिकट वाले 11 स्मारकों में की जा रही है। इन्हें स्मारक के प्रवेश द्वार के पास लगाया गया है। जिन में एक बार में एक से अधिक लोग अपना मोबाइल चार्ज कर सकते हैं।

इनमें लाल किले में सबसे ज्यादा 8 चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। इन्हें चारों संग्रहालयों के प्रवेश और बाहर निकलने वाले गेट के पास लगाया गया है। कुतुब मीनार, पुराना किला और हुमायूं के मकबरे में तीन-तीन चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। फिरोजशाह कोटला, सफदरजंग मकबरा और हाैज खास में दो-दो प्वाइंट लगाए गए हैं।

इन जगहों पर मिलेंगी सुविधाएं
हौज खास चिल्ड्रन म्यूजियम, दिल्ली मंडल कार्यालय और तिलक मार्ग पर धरोहर भवन में एक-एक चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा दी गई है। खान ए खाना, सुल्तान गारी, तुगलकाबाद किला में भी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है।

इसी तरह लाल किला, कुतुब मीनार हुमायूं का मकबरा में वाई -फाई की सुविधा शुरू करने की भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की योजना है। हालांकि लाल किले में पूर्व में वाई-फाई की सुविधा शुरू की जा चुकी है। मगर वह सफल नहीं रह सकी थी। इसलिए अब व्यवस्थित तरीके से इसे शुरू किया जाने की योजना पर काम हो रहा है।

सभी स्मारकों में पीने के पर्याप्त ठंडे पानी के उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। एएसअइ की तरफ से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी समय-समय पर पेयजल स्थित का निरीक्षण करते रहेंगे, ताकि पानी खत्म ना हो पाए। जिससे इस भीषण गर्मी में पर्यटकों को परेशानी से बचाया जा सके।

 

Related Articles

Back to top button