क्रॉस वोटिंग के डर से MP कांग्रेस में मंथन, राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी बेचैनी

राजनीती

भोपाल
प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें इसी वर्ष जून में रिक्त हो रही हैं। इन सीटों पर निर्वाचन के लिए अधिसूचना शीघ्र जारी होने की आशा है। चुनाव नजदीक आते ही क्राॅस वोटिंग को लेकर कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। कारण, चार विधायक भी खिसक गए तो कांग्रेस के हाथ से सीट निकल जाएगी।

क्रॉस वोटिंग को लेकर मंथन
बता दें कि विधायकों के संख्या बल की दृष्टि से दो सीटें भाजपा को मिलनी तय हैं। बची एक सीट वर्तमान की स्थिति में कांग्रेस के खाते में जाएगी, पर कुछ राज्यों में कांग्रेस विधायकों द्वारा क्राॅस वोटिंग या अनुपस्थित रहने की वजह से मप्र में भी पार्टी को डर सता रहा है।

पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ने गुपचुप तरीके से ऐसे विधायकों पर नजर रखना शुरू कर दिया है, जो क्रास वोटिंग कर सकते हैं।

विधायकों की अनुपस्थिति बनी चुनौती
दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता शून्य किए जाने के बाद अब कांग्रेस के 64 सदस्य विधानसभा में हैं। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता शून्य करने संबंधी निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक तो लगा दी है, लेकिन वह चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।

दलबदलुओं पर नजर
बीना से कांग्रेस के टिकट पर जीतीं निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दलबदल विरोधी कानून के अंतर्गत कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर सुनवाई चल रही है।सप्रे वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद कई बार भाजपा के मंच पर नजर आ चुकी हैं, हालांकि वह कई बार कह चुकी हैं कि कांग्रेस से त्याग पत्र नहीं दिया है। वह पार्टी में ही हैं। ऐसे में कांग्रेस इस वोट को अपने पक्ष में नहीं मान रही है।

हालांकि, पार्टी सूत्रों ने बताया कि हाल ही में प्रदेश पदाधिकारियों ने सप्रे से बात कर पार्टी के पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया है। इस तरह मल्होत्रा और सप्रे को हटा दें तो कांग्रेस के पास चार अतिरिक्त वोट ही हैं। इस कारण पार्टी का डर बढ़ा हुआ है।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry