एयरोडायनामिक्स की रोचक जानकारी से विद्यार्थियों में बढ़ी वैज्ञानिक सोच

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भोपाल 

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) भोपाल के अंतर्गत संचालित “सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग” में दो दिवसीय “एयरोमॉडेलिंग : डिजाइन, बिल्ड एंड फ्लाई” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 32 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विमान मॉडल के डिजाइन, निर्माण और उड़ान से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक एवं गतिविधि आधारित तरीके से समझा। विद्यार्थियों ने विभिन्न एयरोमॉडल तैयार किए और उनके उड़ान परीक्षण भी किए। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और अधिक विकसित हुई।

मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने और रचनात्मक चिंतन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान एवं अनुभवों के माध्यम से एक-दूसरे की सहायता करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और टीमवर्क की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला में विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक एवं उसके विभिन्न भागों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें आधुनिक एयरोस्पेस तकनीकों से परिचित कराया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को एयरोडायनामिक्स, संतुलन, नियंत्रण एवं उड़ान के मूलभूत सिद्धांत सरल और रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाए।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता एवं वैज्ञानिक सोच का विकास करना था। समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मैपकॉस्ट के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे और संयुक्त परियोजना संचालक डॉ. मनोज राठौर उपस्थित रहे।

 

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