होर्मुज स्ट्रेट तनाव खत्म करने की तैयारी? अमेरिका-ईरान समझौते पर दुनिया की नजरें

देश

नई दिल्ली

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे के दौरान ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। चार दिवसीय भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे रुबियो ने कहा कि अगले कुछ घंटों में दुनिया को ईरान मुद्दे पर 'अच्छी खबर' मिल सकती है। रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि मुझे लगता है कि शायद अगले कुछ घंटों में दुनिया को कुछ अच्छी खबर मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित शांति समझौता होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव को समाप्त करेगा।

बता दें कि ईरान ने अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले के जवाब में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया था। रुबियो ने जोर देकर कहा कि यह समझौता उस प्रक्रिया की शुरुआत करेगा जिसका अंतिम लक्ष्य एक ऐसी दुनिया बनाना है जहां किसी को भी ईरानी परमाणु हथियारों से डरने या चिंता करने की जरूरत न पड़े।

ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता
इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताते हुए ईरान की कार्रवाई की निंदा की। रुबियो ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों को नुकसान पहुंचाने की धमकी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

शनिवार को ट्रंप ने क्या कहा था?
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि वह ईरान के नवीनतम प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए अपने वार्ताकारों से मिल रहे हैं और रविवार तक युद्ध फिर से शुरू करने के बारे में फैसला करेंगे। ट्रंप ने 'एक्सियोस' से बात करते हुए कहा था कि इस बात की ''पूरी तरह से 50/50'' संभावना है कि वह कोई 'अच्छा' सौदा कर पाएंगे
या फिर उन्हें पूरी तरह से बर्बाद कर देंगे।

वहीं, ट्रंप ने रविवार सुबह दावा किया कि इजरायल और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ व्यापक परामर्श के बाद ईरान के साथ शांति समझौते पर 'काफी हद तक' बातचीत हो चुकी है। तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में यह अहम प्रगति मानी जा रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि औपचारिक घोषणा से पहले समझौते के अंतिम विवरण पर चर्चा जारी है। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से हुई बातचीत को 'बहुत अच्छी' बताया। ट्रंप ने इस वार्ता को 'शांति से संबंधित समझौता ज्ञापन' करार दिया। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने स्पष्ट किया कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण बनाए रखेगा

फार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान केवल गुजरने वाले जहाजों की संख्या को युद्ध-पूर्व स्तर पर वापस लाने की अनुमति देने को तैयार हुआ है, लेकिन इसका मतलब 'मुक्त आवागमन की पूर्ण बहाली' नहीं है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ट्रंप के पोस्ट को 'प्रचार' बताया। आईआरजीसी ने कहा कि समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है। आईआरजीसी के बयान में कहा गया है कि ट्रंप ने पहले परमाणु कार्यक्रम को किसी भी समझौते की मुख्य शर्त बताया था, लेकिन ईरान की ओर से इस पर कोई सहमति नहीं बनी है। इस स्तर पर परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा भी नहीं हुई है।

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