राजधानी दिल्ली में आदिवासी संगठनों की हुंकार, लालकिला मैदान पहुंचे अमित शाह, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

देश

नई दिल्ली 

 देश की राजधानी दिल्ली का लालकिला मैदान आज एक बड़े जनजातीय सांस्कृतिक समागम और प्रदर्शन का गवाह बन रहा है। इस विशाल रैली और सभा में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग, मध्य प्रदेश के रतलाम सहित देशभर से लाखों की संख्या में जनजातीय समाज के लोग परंपरागत वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए अंबिकापुर से जनजातीय समाज के लोगों को लेकर दो विशेष ट्रेनें दिल्ली के लिए रवाना हुई थीं, जबकि हजारों लोग अपने निजी साधनों से भी यहां पहुंचे हैं। अन्य राज्यों से भी लोग पहुंच रहे है।

जनजातीय समाज द्वारा दिल्ली के पांच प्रमुख ऐतिहासिक स्थानों से एक साथ विशाल रैलियां निकाली जा रही हैं, जो सीधे लालकिला मैदान पहुंचकर एक महा-सभा में तब्दील होगी। इन रैलियों के रूट इस प्रकार हैं…

  •     राजघाट से लाल किला: 2.5 किलोमीटर
  •     रामलीला मैदान से लाल किला: 2.8 किलोमीटर
  •     अजमेरी गेट से लाल किला: 2.5 किलोमीटर
  •     कुदसिया बाग से लाल किला: 2 किलोमीटर
  •     श्यामगिरी मन्दिर से लाल किला: 3.5 किलोमीटर

गृहमंत्री अमित शाह होंगे शामिल, राष्ट्रपति और पीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन

लालकिला मैदान में आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। इस प्रदर्शन के माध्यम से देश का मूल जनजातीय समाज राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सौंपेगा। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य मतांतरित (धर्म परिवर्तन कर चुके) लोगों को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची से बाहर करने के लिए 'डिलिस्टिंग' कानून बनाने की मांग करना है।

 

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