फॉरेंसिक और साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई के लिए यूपी पहुंचेेंगे 17 राज्यों के छात्र-छात्राएं

उत्तर प्रदेश राज्य

17 राज्यों के छात्र-छात्राएं यूपी में लेंगे फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी समेत अन्य विषयों में प्रशिक्षण

यूपीएसआईएफएस में 6 हफ्ते की समर इंटर्नशिप शुरू, 108 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

हमारा मुख्य उद्देश्य सर्टिफिकेट देना ही नहीं, कौशल विकास करना है: डॉ. जीके गोस्वामी

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी का हब बनकर उभर रहा है। अब यूपी अपने ही नहीं, दूसरे राज्यों के छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न माध्यम से प्रशिक्षण दे रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ (यूपीएसआईएफएस) में ग्रीष्मकालीन (समर) इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरूआत सोमवार से हुई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित 17 राज्यों के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से कुल 108 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। यह सभी छात्र-छात्राएं छह हफ्ते तक विषय विशेषज्ञों द्वारा लॉ, फोरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक विषयों की गहनता से जानकारी व दक्षता प्राप्त करेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ मिले निर्देश पर इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने किया। उन्होंने डेटा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में जिसके पास जितना डाटा रहेगा वह उतना ही सबल होगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के लिए बेहतर अवसर है, जिसके लिए आप में लगनशीलता होनी चाहिए। अगर लगन है तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। 
उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएसआइएफएस में बिताये गए आपके छह हफ्ते आपके भविष्य के द्वार को खोलेगा, आपको अपनी योग्यता से ऐसे अवसर का लाभ लेना चाहिए।

सीएम योगी का निर्देश- देशभर के बच्चों का भविष्य संवारें
डॉ. जीके गोस्वामी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेज से आए हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि यह संस्थान न केवल उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राओं, युवाओं के भविष्य को विकसित करने में अग्रणी रहे बल्कि देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र एक सर्टिफिकेट देना नहीं है बल्कि आपके भीतर कौशल विकास करना है ताकि आप बाहर की दुनिया में स्वयं को प्रतिष्ठापित कर सकें। वहीं अपर निदेशक राजीव मल्होत्रा ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता है। आप यूपीएसआईएफएस में एक संकल्प लेकर आये हैं और आप लगनशील हैं तो तो वह निश्चित पूरा होगा।  
इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी, जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. प्रेरणा, डॉ.अजीत कुमार डॉ. प्रीती, डॉ. नेहा, डॉ. निताशा सहित अन्य उपस्थित रहे।

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