खेल जगत में गौरव का पल, कोच बलदेव सिंह को मिला ‘पद्मश्री’ सम्मान

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शाहाबाद/चंडीगढ़.

हरियाणा की खेल नगरी शाहाबाद के लिए आज गर्व का ऐतिहासिक पल रहा, जब द्रोणाचार्य अवार्डी हाकी कोच बलदेव सिंह को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। जैसे ही यह सम्मान उन्हें मिला, पूरे शाहाबाद और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई।

भारतीय महिला हाकी को नई पहचान दिलाने वाले बलदेव सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से नवाजा जाना हरियाणा के लिए भी गौरव की बात है। गौरतलब है कि बलदेव सिंह ने उस दौर में शाहाबाद में महिला हाकी की नींव मजबूत की, जब बेटियों का खेलों में आगे बढ़ना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और तमाम सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने गांव-गांव से प्रतिभाएं खोजीं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया।

उनकी मेहनत और समर्पण ने शाहाबाद को भारतीय महिला हाकी की सबसे बड़ी नर्सरी बना दिया। उनकी कोचिंग में तैयार हुई रानी रामपाल, नवनीत कौर, जसजीत कौर, राजवींदर कौर, जायदीप कौर, रितु रानी, सुमन बाला जैसी खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इनमें से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली। उनके द्वारा तैयार खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स और विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

मिठाई बांट कर मनाई खुशी
शाहाबाद में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। खिलाड़ियों ने कहा कि यह सम्मान केवल बलदेव सिंह का नहीं, बल्कि उन सभी बेटियों की मेहनत का सम्मान है, जिन्हें उन्होंने तराश कर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद बलदेव सिंह एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि सच्चा गुरु वही होता है, जो अपनी मेहनत से साधारण प्रतिभाओं को असाधारण पहचान दिला दे। शाहाबाद की मिट्टी से निकले इस महान कोच ने भारतीय हाकी को जो विरासत दी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।

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