सुकमा में छात्रों के लिए बड़ा फैसला, रिजल्ट पाने को 75% उपस्थिति जरूरी

सुकमा.
सुकमा में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के स्कूलों की मैराथन समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि कमजोर प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्रावास अधीक्षक शामिल हुए।
हर स्कूल के परीक्षा परिणाम की वन-टू-वन समीक्षा की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया गया। वहीं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों को चेतावनी और सुधार के निर्देश दिए गए। अब बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। कम उपस्थिति वाले छात्रों को रेगुलर की जगह प्राइवेट या ओपन स्कूल से परीक्षा दिलाने की तैयारी है। कक्षा 9वीं और 11वीं के कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगेंगी।
छात्रावासों और आश्रमों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। छात्रों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी। हर महीने टेस्ट और समीक्षा बैठकें भी होंगी। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अगले सत्र में खराब परिणाम पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।



