पंजाब राजनीति में PM मोदी पर BJP का भरोसा, नायब सैनी ने बताया सबसे बड़ा चेहरा

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चंडीगढ़ 

पंजाब में भाजपा के प्रचार अभियान की अगुवाई कर रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिया है कि पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ेगी।

राज्य में बड़े चेहरे की कमी को लेकर भाजपा के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौती के बारे में 'ट्रिब्यून' के एक सवाल का जवाब देते हुए सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही पार्टी का 'पंजाब में सबसे बड़ा चेहरा' हैं। सोमवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सैनी ने कहा, 'हम सभी पार्टी के चेहरे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी सबसे बड़ा चेहरा हैं। राज्य में हमारे पास कई नेता हैं।'

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल और पंजाब की तुलना करते हुए कहा, 'पश्चिम बंगाल में हमने पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा। हमारे पास एक मजबूत मुख्यमंत्री है, ऐसा मुख्यमंत्री जो राज्य को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएगा।'

भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में शामिल सैनी को पंजाब में प्रचार के लिए आगे किया गया है, जहां लगभग 30 प्रतिशत आबादी ओबीसी और 32 प्रतिशत अनुसूचित जातियों की है। पंजाब में भाजपा ओबीसी और एससी समुदायों का व्यापक गठबंधन बनाने का प्रयोग कर रही है, साथ ही हिंदू एकजुटता पर भी जोर दे रही है, जिसका लाभ उसे बंगाल में मिला था। पंजाब की राजनीति में 'जट सिख' समुदाय के वर्चस्व के मुद्दे पर सैनी ने कहा, 'जट सिखों का पंजाब के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करती है।'

क्या भाजपा पंजाब में गंभीर दावेदार है? इस सवाल पर सैनी ने कहा, 'पंजाब ने भाजपा को चुनने का मन बना लिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों को धोखा दिया है। लोग अब चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रहे हैं।'

इस सवाल पर कि पंजाब भाजपा पर क्यों भरोसा करेगा, जबकि अब तक पार्टी वहां हाशिये पर रही है, सैनी ने कहा, 'क्योंकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में भाजपा सरकार ने अपने सभी चुनावी वादे पूरे किए, खासकर महिलाओं से जुड़े वादे, जबकि पंजाब की आप सरकार ऐसा नहीं कर सकी।'

सैनी ने पंजाब के अपने दौरों को सही ठहराते हुए कहा कि दोनों राज्य पहले एक ही थे। उन्होंने कहा, 'कुछ दलों ने अपने स्वार्थ के लिए मतभेद पैदा किए हैं। पंजाब एक था। मेरे अधिकतर रिश्तेदार पंजाब में हैं।'

चिनाब का पानी मोड़कर सुलझ सकता है एसवाईएल विवाद
सैनी ने कहा कि चिनाब नदी के पानी को पंजाब की ओर मोड़ा जा सकता है, ताकि उसे आगे हरियाणा के साथ साझा किया जा सके और सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद सुलझाया जा सके।

सिंधु प्रणाली की तीन पश्चिमी नदियां- सिंधु, झेलम और चिनाब, 1961 की सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को आवंटित की गई थीं, जिसे भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद निलंबित कर दिया था। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी एसवाईएल विवाद सुलझाने के लिए चिनाब का पानी मोड़ने का सुझाव दे चुके हैं।

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