दंतेवाड़ा.
पंडेवार में दो ट्रक और एक जेसीबी की जब्ती के बाद अब लौह अयस्क के बड़े खेल की परतें खुलने लगी हैं। पंडेवार से बैलाडीला तक कई जगह खुले में अयस्क के बड़े-बड़े ढेर मिले हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहाड़ियों से ट्रैक्टरों के जरिए अयस्क नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रकों से बाहर भेजने की तैयारी चल रही थी।
कई जगह अस्थायी रास्ते भी बनाए गए हैं, जिससे साफ है कि यह काम लंबे समय से चल रहा था। जानकारों के मुताबिक एक ट्रक में 40 से 50 टन तक लौह अयस्क लोड होता है। एक खेप की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये तक बताई जा रही है। यानी यह सिर्फ छोटे स्तर की चोरी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का संकेत माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुले में हो रहा इतना बड़ा भंडारण विभागीय निगरानी से कैसे बच गया।
पहाड़ियों के नीचे दर्जनों ट्रक लम्प्स जमा होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौका देखकर माल बाहर भेजने की तैयारी थी। डीएफओ ने जांच टीम भेजने और अवैध भंडारण मिलने पर जब्ती की बात कही है। अब नजर इस बात पर है कि कार्रवाई सिर्फ वाहनों तक सीमित रहती है या पूरे नेटवर्क तक पहुंचती है।
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