मोगा
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल द्वारा पंजाब के विधायकों को “भेड़-बकरी” कहे जाने संबंधी सोशल मीडिया टिप्पणी के खिलाफ आम आदमी पार्टी महिला विंग की प्रधान और मोगा की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा मोगा अदालत में दायर मानहानि मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, यह मानहानि याचिका 13 मई को दायर की गई थी। मामले की पहली सुनवाई 19 मई को हुई थी, जिसके बाद अगली सुनवाई 25 मई को निर्धारित की गई। शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने अदालत से बीएनएसएस की धारा 223(1) के तहत नोटिस जारी करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जीएमआईसी अशिमा शर्मा की मोगा अदालत ने स्वाति मालीवाल को 10 जून 2026 के लिए प्री-कॉग्निजेंस नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि स्वाति मालीवाल 10 जून को स्वयं या अपने वकील के माध्यम से अदालत में पेश हो सकती हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून 2026 को होगी।
MLA ने कहा- अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना गलत विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ ऐसी अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना गलत है, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। इस बयान से विधायकों की छवि धूमिल हुई है।
इससे पहले 19 मई को मोगा अदालत में सुनवाई हुई थी। इस दौरान विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा अदालत में पेश हुईं और अपने पक्ष से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा।
28 अप्रैल को भाजपा जॉइन की थी 28 अप्रैल को मालीवाल ने दिल्ली में भाजपा पार्टी जॉइन की थी। इसके अलावा राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और राजेंद्र गुप्ता भी भाजपा में शामिल हुए थे।
मालीवाल ने कहा था- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने कहा था कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया।
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