टीम इंडिया का इंग्लैंड पर बड़ा वार, यास्तिका-जेमिमा की तूफानी बल्लेबाजी से जीता मुकाबला

खेल

लंदन 
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड दौरे का आगाज़ धमाकेदार अंदाज में किया. पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने मेज़बान इंग्लैंड को 38 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।  

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने जल्दी ही स्मृति मंधाना का विकेट गंवा दिया. हालांकि इसके बाद यास्त‍िका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने पारी को संभालते हुए तेज रन बटोरे। 

यास्तिका ने 40 गेंदों पर 54 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. वहीं जेमिमा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 40 गेंदों में 69 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 10 चौके और 1 छक्का देखने को मिला। 

आखिरी ओवरों में दीप्ति शर्मा ने तेज़ रन जोड़कर टीम के स्कोर को 20 ओवर में 188/7 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल सबसे सफल गेंदबाज रहीं. उन्होंने चार ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। 

जवाब में 189 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही. भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और क्रांति गौड़ ने लगातार दो बड़े झटके देते हुए सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी को पवेलियन भेज दिया। 

शुरुआती विकेट गिरने के बाद एमी जोन्स  ने पारी को संभालने की कोशिश की. उन्होंने 48 गेंदों में 67 रन की जुझारू पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल रहे. वहीं हीथर नाइट ने 21 रन बनाकर उनका साथ दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाजी बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। 

इसके बाद नंदनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया. उन्होंने सिर्फ 23 रन देकर 3 अहम विकेट झटके और इंग्लैंड के मध्यक्रम को बिखेर दिया. दबाव के बीच उनके स्पेल ने मेजबान टीम की रनगति पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया। 

वहीं दीप्ति शर्मा ने भी अहम सफलता हासिल की, जबकि तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने आखिरी ओवरों में बेहद सधी हुई गेंदबाज़ी की. एमी जोन्स को छोड़ दें तो इंग्लैंड की बाकी बल्लेबाज़ भारतीय अटैक के सामने संघर्ष करती नजर आईं। 

नतीजा यह रहा कि इंग्लैंड टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 38 रन से अपने नाम कर लिया. अगले महीने टी20 वर्ल्ड कप से पहले मिली इस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी बड़ा बढ़ावा दिया है। 

इस मैच में जेमिमा रॉड्रिग्स को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला. इस मैच में यास्त‍िका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की थी। 

इस मैच के बाद यास्त‍िका भाटिया ने अपनी ACL सर्जरी के बारे में भी बात की 
भारतीय महिला क्रिकेटर यास्त‍िका भाटिया ने ACL सर्जरी के बाद अपने मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि जिन लोगों की ACL सर्जरी हुई है, वे जानते हैं कि यह कितना कठिन होता है, क्योंकि उस पैर की पूरी मसल लगभग खत्म हो जाती है. आपको सच में सब कुछ फिर से शुरुआत से बनाना पड़ता है' .

बाएं हाथ की बल्लेबाज ने बताया कि रिहैब के दौरान कई ऐसे दिन आए, जब उन्हें कोई प्रगति नजर नहीं आती थी. उन्होंने कहा, 'सर्जरी के बाद रिहैब प्रक्रिया काफी मुश्किल थी. कई दिन ऐसे थे जब कुछ भी होता नहीं दिख रहा था और कोई सुधार नजर नहीं आ रहा था. लेकिन मैं हर दिन लगातार मेहनत करती रही' .

यास्तिका ने आगे कहा, 'कई महीनों बाद जाकर मुझे सुधार दिखना शुरू हुआ. मेरे आसपास का सपोर्ट सिस्टम बहुत शानदार था. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का स्टाफ, परिवार, दोस्त और टीममेट्स जैसे जेमिमा (जेमिमा रॉड्रिग्स) लगातार मेरा हालचाल लेते रहते थे. मैं सभी की बहुत आभारी हूं…आखिर में सब अच्छा ही हुआ' .

इस चोट की वजह से यास्तिका को पिछले साल भारत में हुए महिला वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनने का मौका भी गंवाना पड़ा था। 

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