रायपुर
दंतेवाडा जिले में 15 मई से 15 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरसपाल रोड स्थित पुरनतरई गांव से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां एक नन्हे बालक आनंद कश्यप ने अपने छोटे से प्रयास से बड़ा संदेश दिया है। गांव में स्थित एक छोटी सी दुकान के बाहर कार्डबोर्ड के डिब्बे से बनाया गया एक अनोखा कूड़ेदान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। उस पर बड़े सरल शब्दों में लिखा था, “कचरा यहां डिब्बा में डालें।” देखने में साधारण लगने वाला यह कूड़ेदान स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है।
जब दुकान संचालक से इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह कूड़ेदान उनके बेटे आनंद कश्यप ने स्वयं बनाया है। आनंद की इस सोच और प्रयास ने सभी को प्रभावित किया। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह छोटा सा प्रयास यह दर्शाता है कि यदि इरादे मजबूत हों तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आनंद कश्यप की यह पहल लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की प्रेरणा दे रही है। यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आनंद जैसे नन्हे सिपाही ही स्वच्छ और सुंदर भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।
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