चंडीगढ़
पंजाब कैबिनेट की एक अहम बैठक दोपहर 12 बजे होगी। बैठक में ग्रुप सी और डी में ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने पर फैसला लिया जा सकता है। इस मीटिंग में ग्रुप-सी और डी में ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करने के फैसले पर मुहर लग सकती है। इसके बाद सरकार अपने सभी विभागों में खुद ही भर्तियां करेगी।
पंजाब की मौजूदा सरकार शुरू से ही ठेका मुलाजिमों को लेकर गंभीर रही है। 22 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शपथ ग्रहण करने के कुछ ही दिनों बाद ही ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के 35 हजार कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव को इस संबंध में मसौदा (ड्राफ्ट बिल) तैयार करने के निर्देश दिए थे।
फिर 5 सितंबर 2022 को पंजाब कैबिनेट ने संविदा शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी कल्याणकारी नीति को औपचारिक मंजूरी दी। वहीं, 21 फरवरी 2023 को पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में 14,417 संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से नियमित करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई।
पंजाब सरकार ने अपने 4 वर्ष के कार्यकाल में कुल 65,264 युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां देने का दावा किया है। सरकार का दावा है कि उसके कार्यकाल के दौरान औसतन 45 युवाओं को प्रतिदिन सरकारी नौकरी मिली है। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर राज्य में करीब साढ़े 5 लाख निजी रोजगार के अवसर भी सृजित किए गए हैं।
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