बीआरओ की तेज़ रफ्तार से मरम्मत, विक्रमशिला सेतु पर जल्द शुरू होगा यातायात

राज्य

 भागलपुर

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के टूट जाने से परेशान बिहार वासियों के लिए अच्छी खबर है। इस पुल पर आठ जून से दोबारा परिचालन शुरू हो सकता है। इसको लेकर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। तीसरे बेली ब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। जबकि चौथे बेली ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

बीआरओ के अधीक्षण अभियंता की निगरानी में चौथे ब्रिज के फाउंडेशन की लाइन खींची गई। हालांकि शुक्रवार दोपहर हुई बारिश के कारण काम पूरी तरह बाधित हो गया। शेष काम रात में निपटाए जाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को विक्रमशिला सेतु पर चल रहे बेली ब्रिज निर्माण एवं आवागमन पुनर्बहाली कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीआरओ एवं संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि सात जून से पूर्व हर हाल में पुल पर यातायात प्रारंभ करना है। पहले पांच जून का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन आंधी पानी के कारण बिजली कटने की समस्या से काम में बाधा आई। इससे शुरू करने का लक्ष्य दो दिन आगे बढ़ गया है।

पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक शैलेंद्र कुमार से जानकारी के मुताबिक विक्रमशिला सेतु से करीब 50 किलोमीटर के रिंग रोड को अगुआनी घाट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सर्वे और डीपीआर बनाने का काम शुरू हो गया है। रिंग रोड के बन जाने से इलाके के लोगों को आवगमन का एक वैकल्पिक मार्ग सुलभ हो जाएगा और इलाके के लोगों को कटाव से सुरक्षा मिलेगी। इससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।

मंत्री ने बताया कि यह परियोजना भविष्य में क्षेत्रीय विकास और यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी। इस दौरान मंत्री ने बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में लत्तीपुर, नन्हकार, जमींदारी, राघोपुर, काजीकोरैया गंगा तटबंध सहित कालूचक, विष्पुरिया, सिहकुंड और गुवारीडीह समेत कोसी कटाव प्रभावित इलाकों में चल रहे कटावरोधी कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले इन क्षेत्रों में मानसून शुरू होने के बाद कटावरोधी कार्य प्रारंभ होता था, लेकिन इस बार मानसून पूर्व ही कार्य शुरू कराने का निर्देश बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को दिया गया है।

भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वूपर्ण पुल विक्रमशिला सेतु का कुछ हिस्सा 3 मई की रात टूट गया। प्रशासन ने इस पुल पर रात के 12.30 बजे से आवागमन रोक दिया था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुल टूटने के बाद भागलपुर समेत आस पास के जिलों में हाहाकारी स्थिति उत्पन्न हो गयी। कई जिलों का संपर्क इस पुल के कारण टूट गया। पटना से दिल्ली तक इस पुल के टूटने की चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की टीम पहुंची और बेली ब्रीज का निर्माण किया।

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