नशा तस्करी और पेपर लीक पर सख्ती, हरियाणा पुलिस पूरी तरह सतर्क

राज्य

पंचकूला

 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं।

इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई।

बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए।

बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है।

नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए।

मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा।

प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry