टेंडर माफिया जांच में नया मोड़: बिहार सरकार ने दो IAS अधिकारियों को किया निलंबित

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पटना

पटना के टेंडर फिक्सिंग खिलाड़ी रिशुश्री पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की कार्रवाई के बाद सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। बिहार कैडर के कई आईएएस अधिकारियों के रिशुश्री से सांठगांठ और अनुचित लाभ लेने के आरोपों की चर्चा के बीच आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की और बताया कि कागजी प्रक्रिया की जा रही है।

योगेश कुमार 2017 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में निदेशक हैं। 2014 बैच की अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा जीविका परियोजना की निदेशक की जिम्मेदारी निभा रही थी। 27 मई को एसवीयू ने ठेकेदार रिशुश्री के पटना स्थित आवास पर छापेमारी में अकूत संपत्ति की बरामदगी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। टेंडर माफिया के घर से दो करोड़ के सोना, चांदी, हीरा, लाखों कैश और प्रॉपर्टी के 61 डीड बरामद किए गए थे। सारण जिले का निवासी रिशुश्री पटना में रहकर सरकारी विभागों के टेंडर कमीशन लेकर मैनेज करता था। इसमें आईएएस लॉबी उसका मदद करती थी जिसके लिए रिशु उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाता था।

इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ रिशु से सांठगांठ के आरोप में ईडी भी पहले से कार्रवाई कर रही है। उस केस को स्पेशल विजिलेंस यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है। आरोप है कि रिशु की कंपनी ने इनके परिवार के लोगों को विदेश यात्रा करवाई और उनके कई बड़े खर्चे उठाए। चर्चा है कि रिशुश्री से मिलीभगत कर सरकारी राशि का घपला करने और मनी लाउंड्रिंग के मामले में अभी कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं। ठेकेदार रिशु की काफी पैठ है। वह पटना में बैठकर पूरे राज्य में सरकारी टेंडर से खेलता था । अपने चहेतों को 8 से 9 परसेंट कमीशन लेकर बड़े बड़े टेंडर दिलवाता था। एसयूवी रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने वाली है।

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