चुनावी मजबूती के बावजूद शहरी पंजाब में भाजपा का जनाधार कमजोर, सामने आई नई तस्वीर

Spread the love

चंडीगढ़.

पंजाब के हालिया निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। हालांकि सीटों और वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद पार्टी शहरी क्षेत्रों में वह राजनीतिक सफलता हासिल नहीं कर सकी जिसकी उससे अपेक्षा की जा रही थी।

चुनाव परिणामों ने यह संकेत जरूर दिया है कि पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है, लेकिन अभी उसे राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाने के लिए लंबा सफर तय करना होगा। निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 103 निकायों के कुल 1977 वार्डों में से 172 वार्डों पर जीत दर्ज की। वर्ष 2021 के निकाय चुनावों में पार्टी को केवल 49 वार्डों में सफलता मिली थी। इस लिहाज से पार्टी ने अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया है। इसके बावजूद वह कुल वार्डों के आंकड़े में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, निर्दलीय उम्मीदवारों और शिरोमणि अकाली दल से पीछे रही। चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा केवल दो स्थानीय निकायों पर नियंत्रण स्थापित कर सकी। इनमें अबोहर नगर निगम और नया गांव नगर परिषद शामिल हैं।

पार्टी का सबसे मजबूत प्रदर्शन नगर निगम चुनावों में देखने को मिला, जहां उसने 400 में से 69 वार्डों में जीत हासिल की। अबोहर में 28 और पठानकोट में 22 वार्ड जीतकर भाजपा इन दोनों शहरों में प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी। हालांकि अन्य प्रमुख शहरों में पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा। बठिंडा में उसे केवल एक सीट मिली, जबकि बटाला में दो सीटों पर सफलता मिली। मोहाली, कपूरथला और मोगा में पार्टी तीन-तीन वार्डों तक ही सिमट गई। इससे स्पष्ट है कि कुछ चुनिंदा शहरी क्षेत्रों को छोड़कर भाजपा अभी भी व्यापक स्तर पर मतदाताओं का विश्वास हासिल नहीं कर सकी है।

नगर परिषद में 103 वार्डें जीतीं
नगर परिषद चुनावों में भी भाजपा को 1331 वार्डों में से 103 वार्डों पर जीत मिली। वहीं 20 नगर पंचायतों के 246 वार्डों में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम भाजपा की उन चुनौतियों को उजागर करता है, जिनका सामना उसे राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए करना पड़ रहा है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी की सफलता का मूल्यांकन पिछले चुनावों के मुकाबले किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने वार्डों की संख्या 49 से बढ़ाकर 172 कर ली है। उनके अनुसार वास्तविक राजनीतिक तस्वीर आगामी विधानसभा चुनाव में स्पष्ट होगी।

Related Articles

Back to top button