अनधिकृत कॉलोनियों के पक्कीकरण के लिए दिल्ली सरकार की तैयारी, अब तेज होगा प्रचार अभियान

राज्य

नई दिल्ली

राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों को जैसा है, जहां है, की शर्त पर पक्का करने की घोषणा के बाद भी लोग उसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो घोषणा के करीब एक महीने बाद भी अभी तक करीब 1700 आवेदन ही स्वगम पोर्टल पर मिले हैं, जबकि दिल्ली में 1511 कॉलोनियां हैं। अनधिकृत कॉलोनी वालों के इस रवैये पर दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। यही नहीं, सूत्र बताते हैं कि सीएम रेखा गुप्ता जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगी।

केंद्र सरकार ने बीते माह 7 अप्रैल को दिल्ली की 1731 में से 1511 कॉलोनियों को जैसा है, जहां है के आधार पर पक्का करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही इसकी पूरी जिम्मेदारी डीडीए से लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी को दी थी। डीडीए पहले ही 40 हजार कन्वेंस डीड जारी कर चुका है, लेकिन वो लोग भी स्वगम पोर्टल पर अपने घर को पक्का कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आवेदनों की इतनी कम संख्या से हम भी हैरान हैं। इसलिए अब जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगे।

1511 अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद आधार पर होंगी पक्की
1700-2000 आवेदन अब तक स्वगम पोर्टल के जरिए मिले
45 दिन में पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य

हर जिले में बनी खास टीम
राजस्व विभाग ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए हर जिले में एडीएम की निगरानी में स्पेशलाइज्ड टीम का गठन कर दिया गया है। डीएम, एडीएम समेत पूरी टीम को ट्रेनिंग का काम पूरा हो चुका है। यह टीम पूरी तरह से स्वगम पोर्टल पर आए आवेदनों पर काम करेगी। इसके अलावा डिजिटल, सोशल मीडिया व एफएम पर भी कैंपेन चलाया जाएगा। राजस्व विभाग ने कहा कि हम अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए जन प्रतिनिधियों जैसे विधायक, सांसद और पार्षदों की भी मदद लेंगे। सीएम रेखा गुप्ता ने भी भरोसा दिलाया है कि वह खुद जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। उन्हें पूरी योजना के बारे में बताया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रक्रिया
आवेदक एमसीडी स्वगम पोर्टल (https://mcdonline.nic.in/swagam) पर लॉग इन करेंगे।
अनधिकृत कॉलोनी (पात्र 1511 कॉलोनियों में से) का नाम चुनें वार्ड और जोन खुद फिल हो जाएगा।
फिर विकल्प सेलेक्ट करें कि क्या पीएम-यूडीएवाई केस आईडी मौजूद है। अगर नहीं है तो पीएम- उदय पोर्टल पर सीधे जाएंगे।
अगर केस आईडी है तो उसे भरें। सीडी/एएस (कन्वेस डीडी) जारी किया गया है तो आवेदन पत्र खुल जाएगा।
यदि जारी नही किया गया है तो उसका स्टेटस जानने के लिए पीएम-उदय पोर्टल पर फिर रीडायरेक्ट किया जाएगा।
दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग द्वारा डीडीए के सहयोग से आवेदनों की प्रक्रिया और सीडी/एएस जारी करेगी।
जारी की गई सीडी/एएस को स्वगम पोर्टल के माध्यम से एमसीडी को भेजा जाएगा।

 

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