राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के 7 जिलें बस्तर, कांकेर,दंतेवाड़ा, सुकमा,बीजापुर, नारायणपुर और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में एकीकृत आजीविका कार्यक्रम के तहत यहां के ग्रामीण परिवारों की आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है। 
      
मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के तहत प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एकीकृत आजीविका कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वकांक्षी पहल है। इसके तहत इन जिलों के प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविधिकृत आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इन गतिविधियों में सामान्यतः कृषि, वन, पशुपालन, गैर कृषि क्षेत्र में नए नवाचार के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रोसेसिंग एकाईयां, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे का विकास होगा। लोगों को सहकारी समितियों से भी जोड़ा जाएगा।  

पशुपालन एवं संबद्ध गतिविधियों के अंतर्गत कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी, सूकरपालन, मत्स्य पालन जैसे सेक्टरों से जोड़कर लोगों की आमदनी में इजाफा किया जाना है। इसी तरह से वन एवं वृक्ष के माध्यम से इमली, महुआ, चिरोंजी, काजू, बांस, कोसा रेशम, लाख, मधुमक्खी पालन के प्रमुख उत्पादों से जोड़कर परिवारों की आय एवं जीवन स्तर में बेहतर बनाया जाएगा। 
          
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विभाग  भीम सिंह सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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