रेलवे में जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने और तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार रात राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने खासकर भर्ती परीक्षाओं व बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखे जाने का कड़ा निर्देश दिया। प्रदेश में आठ, नौ व 10 जून को सिपाही भर्ती की बड़ी परीक्षा होनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए। यूपी देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा जीरो टालरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता के साथ लागू किया जाए। रेलवे परिसरों, प्लेटफार्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी उत्तर प्रदेश वर्तमान में छह अनुभागों, 65 थानों तथा 89 अस्थायी चौकियों के माध्यम से कार्य कर रही है। प्रतिदिन 3031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1550 रेलवे स्टेशनों तथा 30 लाख से अधिक रेल यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व जीआरपी निभा रही है। उन्होंने हरिद्वार में अर्द्धकुंभ 2027 को लेकर अभी से तैयारियां शुरू किए जाने और विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने का भी निर्देश दिया।

रेलवे ट्रैक की हो नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री ने रेलवे ट्रैक और ट्रेन सुरक्षा की समीक्षा के दौरान रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय और बेहतर करने का निर्देश दिया। बताया गया कि रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए संयुक्त गश्त, ड्रोन एवं सीसीटीवी आधारित निगरानी, डिजिटल सत्यापन, निरीक्षण एप के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा कबाड़ बाजारों एवं संवेदनशील स्थलों की निगरानी जैसे उपाय किए जा रहे हैं।

पत्थरबाजी की घटनाएं पूरी तरह रुके
मुख्यमंत्री ने रेलवे परिसरों और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि जनजागरूकता, सुरक्षा चौपाल, अभिभावकों और युवाओं की काउंसिलिंग, रेल मित्र नेटवर्क, त्वरित अभियोजन तथा प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशन के प्रवेश व निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाओं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी तथा रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाए।

महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। रेलवे नेटवर्क में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि आपरेशन मुस्कान के तहत एक जनवरी से 26 मई 2026 तक 860 बच्चों को बरामद किया गया। विभिन्न अभियानों के माध्यम से अब तक 2325 व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। बैठक में यह भी बताया गया कि हरदोई जीआरपी थाना उत्तर भारत का पहला आईएसओ 9001 प्रमाणित जीआरपी थाना बन चुका है।

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