खेल नर्सरी जांच से मची हलचल, विभाग ने गुणवत्ता और व्यवस्था पर कसी नजर

राज्य

हिसार
खिलाड़ियों को निखारने और उन्हें खेल की बारीकियों से परिचित कराने के उद्देश्य से स्थापित खेल नर्सरियों की अब गहन पड़ताल शुरू हो गई है। खेल विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम बढ़ाया है कि कहीं इन नर्सरियों की आड़ में केवल औपचारिकताएं ही तो पूरी नहीं की जा रहीं। इसी क्रम में हिसार जिले की 169 खेल नर्सरियों की जांच शुरू कर दी गई है।

जिला खेल अधिकारी नरेश सैनी के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच का जिम्मा संभाल लिया है। जांच को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए इसमें विभिन्न खेलों के अनुभवी कोचों को शामिल किया गया है, ताकि हर नर्सरी का मूल्यांकन उसके खेल विशेष के मानकों पर किया जा सके।

जांच शुरू होते ही मचा हलचल
गत सप्ताह जैसे ही जांच प्रक्रिया शुरू हुई, नर्सरियों में कार्यरत कोचों के बीच हलचल तेज हो गई। एक-दूसरे से संपर्क साधकर वे जांच के मानकों और पूछे गए बिंदुओं की जानकारी जुटाने में लगे हैं। जिन नर्सरियों की जांच पूरी हो चुकी है, वहां के कोचों से अन्य लोग विस्तार से जानकारी ले रहे हैं।

यह पहला अवसर नहीं है जब खेल नर्सरियों की जांच की जा रही है। पूर्व वर्षों में हुई जांच में भी कई अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनकी रिपोर्ट निदेशालय को सौंपी गई थी और कई खेल नर्सरियों पर निदेशायल ने संज्ञान भी लिया था। पुराने इसी अनुभव के आधार पर इस बार जांच को और अधिक गहराई से अंजाम दिया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य, प्रतिभा को मिले सही मंच
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि उभरती खेल प्रतिभाओं को वे सभी सुविधाएं मिलें, जिनके लिए ये नर्सरियां स्थापित की गई हैं। यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण और संसाधन मिलते हैं, तो वे प्रदेश और देश के लिए पदक जीतकर गौरव बढ़ा सकते हैं।

हिसार के जिला खेल अधिकारी नरेश सैनी ने कहा कि निदेशालय के दिशा-निर्देश पर खेल नर्सरियों की जांच की जा रही है। पिछले करीब एक सप्ताह से टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जांच दल में विभिन्न खेलों के कोचों को शामिल किया गया है।

 

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