काठमांडू ने भारत को बताया उभरती आर्थिक महाशक्ति, कनेक्टिविटी और डिजिटल पेमेंट पर चर्चा

देश

नई दिल्ली
 नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को भारत के साथ विकास-केंद्रित साझेदारी की बात कही। उन्होंने कहा कि काठमांडू एक "उभरते हुए भारत" के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है, जिसने खुद को एक बड़ी आर्थिक और तकनीकी ताकत के रूप में स्थापित किया है।

भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए खनाल ने दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया और कहा कि यह रिश्ता केवल भौगोलिक सीमाओं से कहीं आगे का है।

'हम एक नदियों के संतानें'
खनाल ने कहा, "हम सिर्फ नक्शे पर पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि एक ही नदियों की संतानें हैं।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के आपसी संबंधों के बारे में जनता की समझ बनाने में प्रेस अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा, "हमारे जैसे जीवंत और विविधतापूर्ण लोकतंत्रों में मीडिया ही हमारी यात्राओं के नैरेटिव का मुख्य संरक्षक है।" मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नेपाल का मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व पारंपरिक भू-राजनीतिक तनाव से आगे बढ़कर प्रगतिशील विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है।

'हम उम्मीदों वाले भारत से जुड़ना चाहते हैं'
खनाल ने कहा, "जब हम सीमा के उस पार देखते हैं, तो हमें भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर दिखाई देता है।" उन्होंने आगे कहा, "हम एक ऐसे उभरते हुए भारत को देखते हैं जिसने वैश्विक मंच पर खुद को एक गतिशील, तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी और आर्थिक शक्ति के रूप में नई पहचान दी है। हम उम्मीदों, इनोवेशन और काम को अंजाम देने की क्षमता वाले इस भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं।"

दिल्ली में अपनी उच्च-स्तरीय राजनयिक मुलाकातों का ब्योरा देते हुए खनाल ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।

उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत में नेपाल-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें व्यापार, सीमा-पार कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी, जल संसाधन प्रबंधन और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं।"

'आर्थिक बदलाव सबसे अहम'
मंत्री ने फिर से कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों में आर्थिक बदलाव को सबसे अहम मानता है और पुराने भू-राजनीतिक टकरावों के नजरिए से दोनों देशों के रिश्तों को देखने की सोच को पूरी तरह खारिज करता है।

दोनों देशों के बीच सहयोग में हाल की अहम उपलब्धियों का जिक्र करते हुए खनाल ने नेपाल की NCHL और भारत की NPCI के बीच हुए समझौते के तहत सीमा-पार डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन शुरू करने की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि इस पहल से दोनों देशों के पेमेंट सिस्टम सफलतापूर्वक जुड़ जाएंगे और UPI-जैसे क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन संभव हो सकेंगे, जिससे सीमा के दोनों ओर के उद्यमियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को सीधे फायदा होगा।

विकास के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाते हुए खनाल ने नेपाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की 72 परियोजनाओं और सांस्कृतिक क्षेत्र की पुनर्निर्माण से जुड़ी 12 परियोजनाओं को औपचारिक रूप से सौंपने की घोषणा की। ये परियोजनाएं 2015 के भूकंप के बाद भारत की मदद से पूरी की गई थीं।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry