पंजाब में कर्मचारियों का बड़ा फैसला, 13 जून तक चेतावनी; जानिए क्या है पूरा मामला

राज्य

लुधियाना 
 पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई।

नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है।

इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।

प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।

 पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई।

नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है।

इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।

प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry