पेपर लीक पर लगाम के लिए हाईटेक प्लान, एयरफोर्स की निगरानी में 18 केंद्रों से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र

देश

 नई दिल्ली

देश में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे देशव्यापी बवाल और पेपर लीक के कड़े अनुभवों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार इस बार सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम कर रही है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. आगामी नीट री-एग्जा को पूरी तरह 'लीक-प्रूफ' और सुरक्षित बनाने के लिए अब देश की सबसे भरोसेमंद ताकत यानी भारतीय वायुसेना (IAF) को मैदान में उतार दिया गया है। 

'इंडिया टुडे' को टॉप सोर्सेज (शीर्ष सूत्रों) से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, नीट री-टेस्ट के दौरान प्रश्नपत्रों को लीक होने से बचाने और उनकी सुरक्षित डिलीवरी के लिए भारतीय वायुसेना लॉजिस्टिक सपोर्ट (लॉजिस्टिक्स सहायता) प्रदान करेगी। 

आसमान से होगी प्रश्नपत्रों की सुरक्षित लैंडिंग: 18 जगहों से उठेंगे पैकेट्स

सूत्रों के मुताबिक, इस बार प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन की जिम्मेदारी किसी प्राइवेट कूरियर या सामान्य सरकारी डाक के भरोसे नहीं छोड़ी जा रही है. सुरक्षा का घेरा इतना कड़ा है कि नीट री-टेस्ट के प्रश्नपत्रों (Question Papers) को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का जिम्मा खुद भारतीय वायुसेना के जिम्मे होगा.सूत्रों ने बताया है कि वायुसेना देश के 18 चुनिंदा और महत्वपूर्ण स्थानों से प्रश्नपत्रों के पैकेट्स को अपनी कस्टडी में लेगी और उन्हें तय समय पर सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाएगी। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सुरक्षा व्यवस्था केवल पेपर सेटिंग तक सीमित नहीं है। प्रश्नपत्रों के परिवहन और सुरक्षित भंडारण के लिए भी बहुस्तरीय रणनीति अपनाई गई है। सरकार भारतीय वायुसेना (Air Force) की मदद से प्रश्नपत्रों को विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लीक या छेड़छाड़ की आशंका को खत्म किया जा सके। इसके अलावा पारंपरिक बैंक स्ट्रॉन्ग रूम के बजाय अधिक सुरक्षित स्थानों की भी पहचान की जा रही है।

NTA ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। हाल के दिनों में टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर री-एग्जाम का कथित पेपर बिकने के दावों के बाद एजेंसी सतर्क हो गई है। NTA ने ऐसे दावों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताते हुए चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

21 जून को होने वाली यह पुनर्परीक्षा देश और विदेश के कुल 551 भारतीय शहरों तथा 14 विदेशी शहरों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा पहले की तरह पेन-एंड-पेपर मोड में होगी। NTA ने उम्मीदवारों के लिए सिटी इंटिमेशन स्लिप भी जारी कर दी है, जबकि एडमिट कार्ड अलग से जारी किए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षा केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि NTA और पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता की भी परीक्षा है। इसलिए इस बार “जीरो-ट्रस्ट सिक्योरिटी मॉडल” पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें किसी एक व्यक्ति को पूरी प्रक्रिया की जानकारी न हो और हर स्तर पर निगरानी बनी रहे।

'हर चुनौती से निपटने के लिए हैं तैयार'
सुरक्षा एजेंसियों और रक्षा सूत्रों का कहना है कि नीट परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी स्तर का जोखिम नहीं लेना चाहती. वायुसेना के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए जिस भी तरह के सहयोग या सपोर्ट की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेना पूरी तरह मुस्तैद और तैयार है। 

इस कदम का सीधा मकसद सॉल्वर गैंग और लीक माफियाओं के उस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है, जो प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्र के बीच के रास्ते में पेपर लीक की वारदातों को अंजाम देते थे। 

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