अमेरिका-ईरान हमलों के बावजूद बाजार में उत्साह, सेंसेक्स में 400+ अंकों की छलांग, निफ्टी ने पार किया 23,300 का स्तर

बिज़नेस

मुंबई 

अमेरिका-ईरान के बीच हुए ताजा हमलों के बीच जहां दुनियाभर के अन्‍य प्रमुख बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गई, वहीं भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में  खुले. मार्केट खुलते ही BSE सेंसेक्‍स में 416 अंक से ज्‍यादा का उछाल दिखा, जबकि निफ्टी 50 में भी करीब 100 अंकों का उछाल देखने को मिला. सेंसेक्‍स 74,300 के पार ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी 23,300 के पार कारोबोर करता दिखा। 

करेंसी मार्केट में उथल-पुथल के बीच भारतीय रुपये में आज गिरावट देखी जा रही है. बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ 95.56 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। 

घरेलू शेयर बाजार की अच्‍छी शुरुआत
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में सकारात्मक रुख देखा गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 85.40 अंक की बढ़त के साथ 23,327.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भारतीय बाजार से पैसा निकालना बदस्तूर जारी है. एक्सचेंज से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (ऑफलोड किए) थे। 

रुपये में क्‍यों दिखी गिरावट? 
मिडिल ईस्ट में युद्ध के ताजा घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 15 पैसे टूटकर 95.56 के स्तर पर आ गया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में रुपये में शुरुआती गिरावट के बाद और कमजोरी आई. इससे पहले मंगलवार को रुपये में थोड़ी मजबूती देखी गई थी, जब यह 20 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। 

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, इस भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय मुद्रा पर चौतरफा दबाव बना दिया है. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि बुधवार को बाजार खुलते ही 'डॉलर-रुपया' (USD/INR) की जोड़ी में भारी कमजोरी देखी गई. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराने के लिए ईरान जिम्मेदार है और अमेरिका इस हमले का 'करारा जवाब' देगा। 

कच्चे तेल में उबाल से रुपये पर बढ़ा दबाव
वैश्विक तेल बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' (Brent Crude) वायदा बाजार में 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 92.12 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा था. बाजार विश्लेषकों और ट्रेडर्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट में नए सिरे से शुरू हुए तनाव की वजह से भारतीय रुपया गंभीर दबाव में है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा (कच्चा तेल और गैस) जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर देश के व्यापार घाटे (Trade Deficit) को बढ़ा देती है. इसी वजह से घरेलू मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है। 

अमेरिका और ईरान के बीच हिंसक जवाबी कार्रवाई
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर आत्मघाती ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इस सैन्य टकराव के चलते वैश्विक बाजार सहमे हुए हैं। 

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