लखनऊ
लखनऊ का इकाना स्टेडियम… वही मैदान जहां चौके-छक्कों की गूंज सुनाई देती है, जहां हजारों दर्शक मैच का रोमांच देखने पहुंचते हैं. लेकिन इस बार चर्चा क्रिकेट की नहीं, बल्कि जांच की हो रही है. कारण है- लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का एक फैसला।
एलडीए ने इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण, संचालन, रखरखाव और अनुबंध की शर्तों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित कर दी है. यानी अब स्टेडियम में रिकॉर्ड और फाइलें खंगाली जाएंगी. एलडीए यह पता लगाना चाहता है कि स्टेडियम का संचालन उन शर्तों के मुताबिक हो रहा है या नहीं, जिनके आधार पर इसका अनुबंध किया गया था।
सवाल सिर्फ इमारत का नहीं है. जांच का दायरा काफी बड़ा रखा गया है. समिति यह देखेगी कि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार हुआ या नहीं. रखरखाव व्यवस्था कैसी है. अनुबंध की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं. स्टेडियम परिसर में विकसित खेल सुविधाएं और अन्य ढांचागत परियोजनाएं किस स्थिति में हैं. यानि सिर्फ पिच नहीं, पूरे सिस्टम का निरीक्षण
होगा।
एलडीए ने समिति को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे. इस रिपोर्ट में निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव की स्थिति और अनुबंध से जुड़े सभी पहलुओं का विस्तृत ब्योरा होगा. इसके बाद एलडीए रिपोर्ट की स्टडी करेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और किसी तरह की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन अगर समिति की रिपोर्ट में किसी प्रकार की लापरवाही, निर्माण संबंधी कमी या अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इकाना स्टेडियम सिर्फ लखनऊ ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में गिना जाता है. यहां अंतरराष्ट्रीय मैचों से लेकर आईपीएल तक के बड़े मुकाबले आयोजित होते हैं. ऐसे में स्टेडियम की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा और रखरखाव को लेकर किसी भी तरह की जांच स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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