मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट नीट यूजी 2026 की परीक्षा लगातार चर्चा में है। पेपर लीक के बाद दोबारा से यह एग्जाम 21 जून को आयोजित होने वाला है। जिसे लेकर शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तैयारियां तेज चल रही हैं। इसी बीच संसदीय स्थायी समिति ने नीट यूजी को लेकर कुछ बड़े सुझाव दिए हैं। उनकी सलाह है कि छात्रों के मानसिक दवाब को कम करने के लिए यह परीक्षा साल में दो या तीन बार होनी चाहिए। इससे स्टूडेंट्स का साल भी खराब होने से बचेगा।
दरअसल नीट पेपर लीक मामले के बाद संसदीय समिति ने एनटीए और नेशनल मेडिकल कमीशन के अधिकारियों से इसपर जवाब मांगा। अब तक जो भी घटनाएं हुई उसपर भी विचार विमर्श किया गया। वहीं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ भी बैठक हुई
नीट पेपर में बार-बार गड़बड़ी होना चिंताजनक
समिति के सामने एनटीए के डायरेक्टर अभिषेक सिंह और एनएमसी चेयरमैन अभिजीत सी सेठ ने भी अपने विचार रखें। सदस्यों का कहना है कि नीट यूजी परीक्षा अभी साल में एक बार ही आयोजित होती है। इस साल 3 मई को यह परीक्षा हुई थी। जिसे बाद में पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे कैंसिल करके फिर से आयोजित करने का फैसला लिया गया। इससे पहले 2024 में भी नीट परीक्षा में गड़बड़ी देखी गई थी।
बार-बार एग्जाम में ऐसी घटनाएं होने पर परीक्षा से जुड़े सिस्टम की जवाबदेही पर भी सवाल उठता है। क्या अभी ऐसी घटनाएं रोकने के लिए अभी मौजूदा नियम या प्रवाधान पर्याप्त हैं? इसपर सोचने की आवश्यक्ता है। यह एक बार का मुद्दा नहीं है। अब यह बार-बार होने वाली परेशानी बन गई है।
साल में दो-तीन बार हो नीट एग्जाम
समिति ने सुझाव दिया है कि नीट परीक्षा साल में दो या तीन बार आयोजित होनी चाहिए। इससे छात्रों को इस परीक्षा को पास करने के कई अवसर मिलेंगे। साथ में उनके ऊपर से प्रेशर भी कम होगा। अभी तक नीट यूजी साल में एक बार होता है। अगर एग्जाम क्लियर नहीं होता तो स्टूडेंट्स को फिर से अगले साल का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अगर नीट एग्जाम साल एक से ज्यादा बार लिया जाता है तो स्टूडेंट्स का साल भी बचेगा और उनके पर से प्रेशर भी कम होगा। समति द्वारा दिए सुझाव पर अब सरकार विचार करेगी, इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
पहले भी उठ चुकी हैं मांग
नीट को एक साल में ज्यादा बार आयोजित करने की मांग पहले भी कई छात्र संगठनों की तरफ से उठाई जाती रही हैं। 2018 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि एनटीए जेईई मेन और नीट यूजी साल में दो बार आयोजित करेगा। लेकिन यह फैसला लागू नहीं हुआ। इसपर 2023 में एनएमसी की ओर से कहा गया कि नीट साल में दो बार आयोजित कराना सुविधाजनक नहीं है। क्योंकि एमबीबीएस की सीटें एक ही काउसलिंग प्रोसेस के जरिए भरी जाती हैं। इसी के जरिए आगे एडमिशन होता है।
21 जून को नीट-री एग्जाम
एनटीए की ओर से 21 जून को नीट-री एग्जाम आयोजित किया जाएगा। जिसके लिए कैंडिडेट्स की एग्जाम सिटी स्लिप जारी हो चुकी है। स्टूडेंट्स चेक कर सकते हैं कि उनकी परीक्षा किस शहर में हैं। वहीं अब जल्द ही स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड भी जारी होंगे। जिसे अभ्यर्थी अपने रोल नंबर और पासवर्ड के जरिए एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। नीट एडमिट कार्ड में सेंटर का पता, शिफ्ट टाइमिंग, सेंटर कोड, जरूरी दिशानिर्देश जैसी सभी जानकारियां मौजूद होंगी।
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