10 लाख करोड़ की धनवर्षा! अमेरिका-ईरान शांति संकेतों से गदगद बाजार, सेंसेक्स रिकॉर्ड तेजी के साथ चढ़ा

बिज़नेस

मुंबई 

सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. यह तेजी तब आई, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने की खबर आई है. इस खबर के आने के बाद सेंसेक्‍स 1695 अंक या 2.30% चढ़कर 75,527.95 पर पहुंच गया. इसी तरह, निफ्टी 461.30 अंक या 1.99% चढ़कर 23,622.90 पर बंद हुआ। 

बैंक निफ्टी में और भी बड़ी रैली देखने को मिली, जो 1638 अंक या 2.97 फीसदी चढ़कर 56,800 के ऊपर बंद हुआ. पूरे मार्केट में तेजी के कारण सभी इंडेक्‍स ग्रीन जोन में रहे और निवेशकों ने मोटी रकम बना ली. बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो पावरग्रिड और टेक महिंद्रा को छोड़कर सभी शेयर शानदार तेजी पर बंद हुए. सबसे ज्‍यादा तेजी बजाज फाइनेंस में 5.62 फीसदी की रही. इसके बाद L&T, Indigo, Titan और एटर्नल जैसे शेयरों में 5 फीसदी तक की उछाल रही। 

आज 10 लाख करोड़ की कमाई 
मिड और स्‍मॉल कैप इंडेक्‍स में भी धुंआधार तेजी देखने को मिली, जिस कारण रिटेल से लेकर बड़े निवेशकों तक ने मोटी कमाई की. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 452.66 लाख करोड़ रुपये से करीब 10 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच गया। 

शेयर बाजार में क्यों आई इतनी तेजी? 
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में प्रतिबंधों को हटाना, होर्मुज में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त करना और ईरान के चारों ओर तैनात अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी शामिल है. वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जंग समाप्‍त करने का समझौता करीब पूरा हो चुका है और इस सप्‍ताह भर में साइन किए जाएंगे. यह ऐलान ईरान के तेल इंडस्‍ट्री पर कंट्रोल करने की धमकी देने के कुछ ही घंटों के बाद आई। 

इस खबर के आने के बाद अमेरिकी बाजारों में जबरदस्‍त तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार शानदार तेजी पर बंद हुए और आज इसका असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दे रहा है, जो शानदार तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा, कुछ और वजहों से भी मार्केट में तेजी रही। 

कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट 
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 5 फीसदी गिरकर  86.4 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो दो महीने के निचले स्‍तर के करीब है. इस तेज गिरावट के कारण क्रूड ऑयल पर निर्भर शेयरों में तेजी देखने को मिली. वहीं एशियाई बाजारों में भी रैली रही. दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्‍स 8 प्रतिशत से अधिक और जापान का निक्केई 225 इडेक्‍स 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ा. चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्‍स भी पॉजिटिव रहा। 

रुपये में मजबूती
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 65 पैसे की मजबूती आई और यह 95.20 पर पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के संकेतों के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, डॉलर के कमजोर होने और घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान ने भी रुपये को मजबूती दी। 

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