‘छात्रों का भविष्य सर्वोपरि’, खान सर विवाद पर शिक्षा मंत्री ने कोचिंग संस्थानों को लगाई फटकार

राज्य

जमुई.

पटना के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर और रौशन आनंद के बीच उपजे हालिया विवाद पर बिहार सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इस मामले पर सूबे के शिक्षा मंत्री मिथलेश कुमार तिवारी ने बड़ा बयान देते हुए दो टूक कहा है कि कोचिंग संस्थान सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई के लिए होते हैं, लड़ाई-झगड़े और व्यक्तिगत वर्चस्व की जंग के लिए नहीं।

जमुई पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कोचिंग संस्कृति में आ रहे इस भटकाव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ कोचिंग संचालक अपने मुख्य उद्देश्य यानी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के रास्ते से पूरी तरह भटक चुके हैं। वे पढ़ाई छोड़ विवाद और गुटबाजी की राह पर चल पड़े हैं, जिसे सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

कोचिंग संस्थानों को दी चेतावनी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्पष्ट निर्देश पर ऐसे विवादों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भविष्य में भी अगर कोई कोचिंग संचालक इस तरह की अमर्यादित हरकत में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। "शिक्षा के मंदिरों को राजनीति, व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता और शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार छात्रों के भविष्य और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कोचिंग सेंटरों का काम छात्रों का भविष्य संवारना
मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अनुशासित, पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कोचिंग सेंटरों को यह समझना होगा कि उनका काम छात्रों का भविष्य संवारना है, न कि कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी करना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हित में सरकार आगे भी ऐसे सख्त और आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

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