नई दिल्ली
सरकारी स्कूलों में कक्षा 11 के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम से हिंदी माध्यम सेक्शन में स्थानांतरित किए जाने के आरोपों की शिक्षा निदेशालय ने अब औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है।अधिवक्ता अशोक अग्रवाल की ओर से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं को या तो बंद किया जा रहा है या फिर उन्हें हिंदी माध्यम के साथ मिला दिया जा रहा है, जिससे छात्रों को अपनी चुनी हुई भाषा में पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई हो रही है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि ये घटनाएं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कुछ स्कूलों में हो रही हैं, जिनमें सीआर दास सर्वोदय कन्या विद्यालय का नाम भी सामने आया है। शिकायत के अनुसार, जिन छात्रों ने 10वीं तक अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई की थी, उन्हें 11वीं में उसी माध्यम में आगे बढ़ने के पर्याप्त विकल्प नहीं मिल रहे हैं।
इस स्थिति को लेकर अभिभावकों और छात्रों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि अचानक माध्यम बदलने से न केवल पढ़ाई की समझ प्रभावित होती है, बल्कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी और आगे की उच्च शिक्षा की योजना पर भी असर पड़ता है।
अभिभावक संगठनों का कहना है कि यदि अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले छात्रों को बीच में ही हिंदी माध्यम में स्थानांतरित किया जाता है, तो यह उनकी शैक्षणिक प्रगति को प्रभावित कर सकता है।
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