चित्रकूट
प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में सोमवार को पड़ रही सोमवती अमावस्या पर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और मूलभूत सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वहीं कर्वी नगर में भारी और मध्यम मालवाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए विस्तृत रूट डायवर्जन योजना लागू कर दी गई है।
अच्छी वर्षा और सुख-समृद्धि की कामना लेकर श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा करेंगे और मां मंदाकिनी में पवित्र स्नान करेंगे। भीषण गर्मी को देखते हुए रामघाट क्षेत्र में बड़े टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था की जा रही है। परिक्रमा और पैदल मार्गों पर मैट और कारपेट बिछाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को गर्म जमीन से राहत मिल सके।
कर्वी नगर में भारी एवं मध्यम मालवाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
बैठने और विश्राम के लिए अलग-अलग स्थानों पर छायादार स्थल बनाए गए हैं, जबकि पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने परिक्रमा मार्ग पर पड़ी निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 14 जून प्रातः 5:30 बजे से 16 जून मध्यरात्रि तक कर्वी नगर में भारी एवं मध्यम मालवाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके बाद 17 जून से अगले 30 दिनों तक निर्धारित समयावधि में नो-एंट्री व्यवस्था लागू रहेगी।
प्रयागराज, कौशांबी, बांदा और सतना की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। वहीं जानकीकुंड और सतना की ओर जाने वाले हल्के वाहनों के लिए भी अलग डायवर्जन प्लान बनाया गया है, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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