जयपुर
राजस्थान सरकार द्वारा नमक उत्पादकों के हित को ध्यान में रखते हुए भूखंड आवंटन से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया है। राज्य में नमक उद्योग को बढावा देने के लिए वतर्मान में प्रचलित नियमों में संशोधन कर राजस्थान (लवण क्षेत्रों में भूखंड आवटंन) संशोधन नियम, 2026 जारी किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार, अब नमक उद्योग के लिए भूखंड आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। पूर्व में यह प्रक्रिया लॉटरी आधारित थी। साथ ही, नियमों में अपील किए जाने, नमक इकाइयों के वर्गीकरण संबंधी प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। जिन जिलो में नमक उत्पादन हेतु लवणीय भूमि उपलब्ध है, उनमें अब सर्वे सीमांकन और भूखंडो के मापन के बाद आवंटन की कार्यवाही की जा सकेगी।
इन नियमों की लंबे समय से नमक उत्पादको द्वारा मांग की जारी रही थी। वर्तमान में लीज नवीनीकरण से वंचित नमक उत्पादक इकाइयों का नवीनीकरण किए जाने से नमक उद्यमियों को राहत मिलेगी। नए लवण क्षेत्रों मे आवंटन की राह खुलेगी, जिससे इस क्षेत्र में और अधिक निवेश होगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
300 इकाइयां नवीनीकरण से थी वचिंत, अब 6 माह की छूट मिलेगी
पूर्व के नियमों में लीज समाप्त होने के चार वर्ष पश्चात नवीनीकरण करने को कोई प्रावधान नही होने से लगभग 300 नमक उत्पादक इकाइयां लीज नवीनीकरण से वंचित थी, जिसके कारण नमक उत्पादक काफी परेशान थे। राज्य सरकार द्वारा ऐसी इकाईयों को 6 माह की एकमुश्त छूट प्रदान कर नमक उत्पादकों को काफी राहत प्रदान की है। इस छूट से नमक उत्पादक इकाईयों का लीज नवीनीकरण हो सकेगा और राज्य सरकार को राजस्व में भी लाभ मिलेगा ।
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