झज्जर.
क्षेत्र के दुजाना गांव के खेतों में रविवार की रात स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ में माए गए बदमाश इंद्रपाल का पोस्टमार्टम मधुबन से फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम पहुंचने के बाद ही कराया जाएगा।फिलहाल, रोहतक जिले के कसरेंटी गांव निवासी मृतक इंद्रपाल के रिश्तेदार व स्वजन नागरिक अस्पताल पहुंचे हुए हैं और शवगृह के बाहर टीम का इंतजार करते रहे।
मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार का नागरिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में उपचार चल रहा है। उनसे मुलाकात करने और हालचाल जानने के लिए सोमवार को एसीपी नरेश और डीसीपी धरना यादव अस्पताल पहुंचे। इसके बाद एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण भी अस्पताल पहुंचे और उपचाराधीन इंस्पेक्टर से घटनाक्रम की जानकारी ली। इससे पहले रविवार देर रात ही पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह, आइजी एसटीएफ बी. सथीश बालन और डीसीपी क्राइम शुभम सिंह भी घायल निरीक्षक की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे थे।
पिता की हो चुकी है मौत, छोटा भाई जेल में बंद
नागरिक अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक इंद्रपाल के पिता ईश्वर सिंह की 6 साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि छोटा भाई नवीन इस समय जेल में बंद है। बता दे कि दुजाना हत्याकांड मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपितों को काबू कर चुकी है। मुठभेड़ में एक मुख्य शूटर मारा गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता संजय अभी फरार है। बता दे कि एसटीएफ के हाथों ढेर हुआ बदमाश इंद्रपाल, बिरधाना गांव निवासी मुख्य आरोपित संजय उर्फ भोलू का सबसे खास साथी था। इन दोनों ने मिलकर इलाके में दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। गत 2 मार्च को इंद्रपाल ने संजय के साथ मिलकर उसकी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या की थी। इसके बाद 31 मई को इन बदमाशों ने दुजाना गांव के पास खेत से लौट रहे विजय सैनी की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। यह पूरा विवाद दुजाना में रास्ते और जमीन की पुरानी रंजिश से जुड़ा है। मुख्य आरोपित संजय ने साल 2021 में विजय सैनी के शिक्षक बेटे अनिल कुमार की भी हत्या की थी।
पुख्ता सूचना पर घेराबंदी कर एसटीएफ ने मार गिराया
एसटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि मुख्य शूटर इंद्रपाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दुजाना के इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घनी नाकाबंदी की। रविवार रात करीब 8 बजे जब पुलिस टीम का सामना बदमाश से हुआ, तो उसने सीधी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश ढेर हो गया। इस मुठभेड़ में एक पीएसआइ की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। साहसिक आपरेशन में सब-इस्पेक्टर दीपक व सचिन, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और धर्मवीर भी शामिल रहे।
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