एक साल पहले हुए थे नगर निगम चुनाव, सीनियर और डिप्टी मेयर पदों पर अब तक नहीं हुई नियुक्ति

राज्य

अंबाला.

प्रदेश के नगर निगमों में अजीब तस्वीर दिखाई दे रही है। शहरों को मेयर मिल चुके हैं, सदन बन चुके हैं, पार्षद शपथ ले चुके हैं, लेकिन सत्ता की दो अहम कुर्सियां सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की अब भी खाली हैं।

मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनावों के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में मेयरों ने कामकाज संभाल लिया। मई 2026 में अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में भी नए सदन अस्तित्व में आ गए। लेकिन प्रदेश के अधिकांश नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम का भी चुनाव हुआ था केवल यहीं पर सीनियर और डिप्टी मेयर का चुनाव हो सका है।

नगर निगम कानून आज भी उस दौर की कहानी कहता है जब मेयर का चुनाव पार्षद किया करते थे। अब मेयर सीधे जनता चुनती है, लेकिन कानून की कई धाराओं में आज भी पार्षदों द्वारा मेयर चुनने का जिक्र दर्ज है। नगर निगम की राजनीति में सीनियर डिप्टी मेयर का पद केवल सम्मान का विषय नहीं होता। इसे अक्सर भविष्य की राजनीति का लांचिंग पैड माना जाता है। पंचकूला का नाम शायद इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि वहां 2021 से 2026 तक का पूरा कार्यकाल निकल गया है।

अंबाला में हाई कोर्ट की लेनी पड़ी थी शरण
अंबाला में 2013 में निगम बनने के बाद मेयर के साथ-साथ निर्धारित समय के भीतर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी हो गया था। दूसरे कार्यकाल में मामला इतना लंबा खिंचा कि चुनाव कराने के लिए तत्कालीन छह पार्षदों जिनमें जसबीर सिंह, फकीर चंद, राजेश मेहता, अमनदीप कौर, राजेश सिंगला इत्यादि को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। दिसंबर 2020 में चुनाव हुए, जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ, लेकिन सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के चुनाव आठ दिसंबर 2022 में जाकर हुए। लगभग दो साल तक दोनों कुर्सियां खाली रहीं। इस साल अंबाला में 13 मई को चुनाव परिणाम आए, 28 मई को शपथ ग्रहण होने के बावजूद अगली प्रक्रिया का इंतजार जारी है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry