झज्जर.
जिले के गांव जैतपुर के होनहार खिलाड़ी और भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले सिंगल्स टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल आगामी 20वें एशियाई खेलों में भारतीय टेनिस दल की अगुवाई करेंगे। अखिल भारतीय टेनिस संघ द्वारा घोषित की गई टीम में उन्हें पुरुषों की चुनौती का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बता दे कि 20वें एशियाई खेलों (ऐची-नागोया 2026) का भव्य आयोजन जापान में इस वर्ष 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष टेनिस टीम में सुमित नागल के साथ मानस धामने, दक्षिणेश्वर सुरेश, युकी भांबरी, एन श्रीराम बालाजी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर जैसे दिग्गज खिलाड़ी देश के लिए कोर्ट पर उतरेंगे।
पिता की प्रेरणा से क्रिकेट छोड़ थामा टेनिस का रैकेट
16 अगस्त 1997 को झज्जर में जन्मे सुमित नागल को बचपन में क्रिकेट का बेहद शौक था। हालांकि, उनके पिता सुरेश नागल, जो कि एक सेवा निवृत स्कूल शिक्षक हैं, चाहते थे कि सुमित किसी व्यक्तिगत खेल (इंडिविजुअल स्पोर्ट) में अपना करियर बनाएं। पिता की इसी प्रेरणा से सुमित ने महज 8 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया। सुमित ने वर्ष 2015 में जूनियर विंबलडन का बायज डबल्स खिताब जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचाया था। वह टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलिंपिक में भी भारतीय चुनौती का नेतृत्व कर चुके हैं।
पिता सुरेश नागल ने जताई स्वर्ण पदक की उम्मीद
सुमित नागल को भारतीय टीम की कमान मिलने की खबर से उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सुमित के पिता सुरेश नागल ने इस गौरवपूर्ण क्षण पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "सुमित ने हमेशा अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया है। एक पिता के तौर पर मेरे लिए इससे बड़े गर्व की बात क्या होगी कि मेरा बेटा अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे का प्रतिनिधित्व कर रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि वह जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएगा और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर झज्जर व पूरे देश का मान बढ़ाएगा।"
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